3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अमेरिका की तरह भारत देश का एक होगा हेल्पलाइन नंबर, यहां जानिए नया इमरजेंसी नंबर

अब इमरजेंसी नंबर 112 शुरू करेगी सरकार, देशभर में जारी एकल नंबर से जुड़ेगा MP
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सतना

•

image

Suresh Mishra

•

Updated: 3 Jun 2018, 12:08 PM IST

112 helpline number in india

112 helpline number in india

धीरेंद्र गुप्ता @ सतना। देश के कई राज्यों में शुरू हो चुका एकल इमरजेंसी नंबर 112 अब मप्र सरकार भी शुरू करने जा रही है। इसके लिए मप्र पुलिस के टेलीकॉम विभाग ने खाका तैयार कर लिया है। इससे उन सभी लोगों को मदद मिलेगी जो पुलिस, एम्बुलेंस या अग्मिशमन विभाग की सहायता लेना चाहते हैं।

पुलिस मुख्यालय भोपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एकल इमरजेंसी नंबर 112 के क्रियान्वयन के लिए सरकार को कुछ निर्णय लेना बाकी है। इसके बाद यह नंबर आम जनता के लिए जारी कर दिया जाएगा। अमेरिका में सभी आपात सेवाओं के एक नंबर 911 की तर्ज पर देश के राज्यों में 112 की शुरुआत की गई है।

112 सेवा उन सिम या लैंडलाइन पर भी उपलब्ध होगी जिनकी आउटगोइंग सुविधा रोक दी गई है। परेशानी में फंसा कोई भी व्यक्ति 112 नंबर पर कॉल करेगा तो उसकी कॉल तत्काल संबंधित विभाग को स्थानांतरित की जाएगी। 112 नंबर शुरू होने के बाद अन्य सभी मौजूदा आपात नंबर धीरे-धीरे बंद कर दिए जाएंगे।

बढ़ाना होगा स्टाफ
मप्र में पुलिस के लिए 100 नंबर डायल करना होता है। फायर ब्रिगेड के लिए 102, एंबुलेंस के लिए 108 डायल करना होता है। पुलिस दूर संचार विभाग के पूर्व एडीजी अन्वेश मंगलम ने कहा कि नेशनल इमरजेंसी रिस्पॉस नंबर चालू करने के लिए ज्यादा स्टॉफ की जरूरत होगी। इसके लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है।

अभी डायवर्ट हो रहा नंबर
एडीजी मंगलम ने बताया कि फिलहाल 112 को टेस्ट मोड पर शुरू करने पर डायल 100 पर इसकी कॉल डायवर्ट हो रही है। नए इमरजेंसी नंबर को चालू करने के लिए जो निर्णय लेना बाकी है उनके होते ही मप्र में यह नंबर चालू कर लिया जाएगा। इसके बाद एकल नंबर पर ही कॉल करने से लोगों को मदद मिल सकेगी।

प्रदेश में चालू कराने के प्रयास जारी हैं
नेशनल इमरजेंसी रिस्पॉस नंबर 112 भारत सरकार की योजना है। मप्र में इसे चालू करने के लिए प्रयास जारी हैं।
अन्वेश मंगलम, पूर्व एडीजी, टेलीकॉम