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4 माह पहले पूरा होना था 27 करोड़ की नेक्टर झील का काम, अभी भी अधूरा

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कार्य भगवान भरोसे, निर्माण एजेंसियों की मर्जी पर टिके, सांसद ने देखे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्य

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सतना

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deepak deewan

Oct 09, 2022

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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कार्य भगवान भरोसे

सतना. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में चल रहे करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य भगवान भरोसे हैं। कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति ठेका एजेंसियों की मर्जी पर निर्भर है। यह खुलासा शनिवार को सांसद गणेश सिंह के निरीक्षण में हुआ। सामने आया कि उतैली बायपास सोनौरा रोड पर स्मार्ट सिटी प्राजेक्ट के तहत 6 साल से निर्माणाधीन 27.74 करोड़ की नेक्टर झील Nectar lake का निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा 30 जून 2022 बीत चुकी है और झील का काम अभी अधूरा है। जिस गति और इच्छाशक्ति के साथ ठेका एजेंसी नेक्टर झील का कार्य कर रही है, उसे देखकर साल 2022 में पूरा होने की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं है।

चार माह में शून्य प्रगति: 15 मई को भी सांसद गणेश सिंह ने कलेक्टर अनुराग वर्मा एवं स्मार्ट सिटी की ईडी रहीं तन्वी हुड्डा के साथ नेक्टर झील Nectar lake के निर्माण कार्य का भ्रमण किया था। तब इंजीनियरों ने बताया था कि नेक्टर झील का कार्य 78 प्रतिशत हो चुका है। झील के सरोवर का निर्माण 30 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। जबकि संपूर्ण प्रोजेक्ट को पूरा होने में समय लगेगा। सांसद ने नेक्टर झील का पैदल भ्रमण कर विभिन्न घटकों के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को श्रमिक तथा मैन पावर बढ़ाकर संपूर्ण प्रोजेक्ट बरसात के पहले 30 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, निर्देश का जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ा। नेक्टर झील के निर्माण कार्य में चार माह में एक प्रतिशत की प्रगति नहीं हुई। जिस सरोवार का कार्य 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए थे, वह चार माह बीत जाने के बाद भी उसी स्थिति में शनिवार को मिला।

नेक्टर झील Nectar lake का कार्य 30 जून को पूरा होना था, लेकिन चार माह बीतने के बाद अभी भी लगभग 20 फीसदी बाकी है। झील के सरोवर में पेवर्स लगाने एवं फिनिसिंग का कार्य अभी होना है। झील के अंदर बने पार्क एवं भवनों की फिनिसिंग का काम बाकी है। ग्रीनरी एवं हार्डिकल्चर के कार्य की अभी तक अंतिम रूपरेखा ही नहीं बन सकी। इसलिए अगले दो माह में नेक्टर झील का कार्य कैसे पूरा होगा यह तो स्मार्ट सिटी के अधिकारी ही बता सकते हैं।

सांसद ने पूछा-कब तक पूरा होगा
सांसद गणेश सिंह ने शनिवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बचे हुए निर्माण कार्य की जानकारी ली और इंजीनियरों से यह पूछा कि नवंबर तक पूरा कर दोगे? इंजीनियरों ने कहा कि दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। सांसद ने नेक्टर झील की दीवार की रंगाई-पोताई की जानकारी लेते हुए कहा कि बाहरी दीवार पर स्वच्छता संबंधी पेंटिंग की जाए। जबकि इन साइड में जिले के पर्यटन स्थलों की पेंटिंग की जाए। उन्होंने झील में पौधरोपण की जानकारी लेते हुए एक हिस्से में नवग्रह वाले पौधे लगाने के निर्देश दिए।

कागज में रोज बदल रहे प्लान
शहर में चल रहे स्मार्ट सिटी के कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा होती है। इसके बावजूद न कार्यों में गुणवत्ता आ रही और न कोई प्राजेक्ट समय पर पूरा हो रहा। स्मार्ट सिटी के कार्य कागजी समीक्षा में अटके हैं। जिन कार्यों के पूरा होने की समय सीमा निकल गई है, उन निर्माण कार्य में कौन सा कार्य कैसे करना है, इसकी प्लॉनिंग अभी भी चल रही है। सवाल यह उठता है कि स्मार्ट सिटी के हर कार्य की ड्राइंग डिजाइन पहले से तैयार है फिर कार्य में गति क्यों नहीं आ रही?