
5 crore rupees loss for transport department in satna
सतना। परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के कारण विभाग को करीब पांच करोड़ की चपत लग चुकी है। आलम यह है कि भारी-भरकम राशि को किसी भी स्थिति में वसूलने की हिम्मत जिम्मेदारों में नहीं है। लिहाजा, स्थानीय सहित मुख्यालय तक के अधिकारी हाथ खड़े कर चुके हैं। इसका सीधा असर सरकारी खजाने पर पडऩे वाला है।
वाहन को कबाड़ में कटवाकर बेच दिया
दरअसल, यह राशि वाहनों के टैक्स बकाया की है। बिना टैक्स जमा किए वाहन सड़कों पर दौड़ते रहे और जब भारी-भरकम टैक्स जमा करने की बारी आई, तो वाहन को कबाड़ में कटवाकर बेच दिया। हैरान करने वाली बात ये है कि टैक्स चोरी का खेल छोटे वाहन के मालिकों ने नहीं किया बल्कि ट्रक, बस व हाइवा जैसे वाहनों पर खेला गया। जिसे बकायदा बड़े-बड़े ट्रांसपोर्टर व ऑपरेटर संचालित कर रहे हैं।
वसूलने की स्थिति
अब स्थिति यह है कि विभाग के करीब पांच करोड़ रुपए फंस चुके हैं और वसूलने की स्थिति में नहीं है। आरटीओ के अनुसार, जिले के करीब 1400 वाहनों पर टैक्स बकाया है। जो बिना टैक्स जमा किए सड़कों पर दौड़ते रहे। इसके बाद सड़कों से गायब हो गए। वाहन मालिकों ने संबंधित वाहनों को कटवा कर फेंक दिया।
सबसे ज्यादा ट्रक मालिक
विभागीय जानकारों के मुताबिक, 1400 बकायेदारों ने 5 करोड रुपए दबा लिया है। इसमें ट्रक मालिकों की संख्या 727 है। इन्होंने 3 करोड़ 80 लाख का चूना लगाया है। 671 बस मालिकों ने 1 करोड़ 17 लाख का फटका मार दिया। ऑटो, मौजिक का कोई आंकड़ा सामने नहीं आया।
अब मार रहे हाथ-पैर
जिन वाहनों का टैक्स डूबा है उनका कोई ठिकाना खोजे नहीं मिल रहा। वाहन जब्त करने तक की स्थिति नहीं है। विभाग केवल रिपोर्ट बनाकर ऊपर भेज रहा है। ठोस कदम उठाने के नाम पर हाथ-पैर मारते दिखाया जा रहा है।
अब न सड़क पर न कागज में
अब इन वाहनों का अता-पता नहीं चल रहा। असल में वे गुपचुप तौर से कबाड़ में तुलवा दिए गए। इसके कारण न तो ये वाहन सड़कों पर दिखाई दे रहे न ही कोई कागज बनवाने विभाग आ रहा। इस तरह में विभाग आशंका व्यक्त कर रहा है कि एेसे वाहन स्वामी से टैक्स वसूल कर पाना संभव नहीं है। कुल मिलाकर 5 करोड़ अब विभाग डुबा चुका है।
Published on:
27 Feb 2018 12:08 pm
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