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660 किसानों को बना दिया 8 करोड़ रुपए का कर्जदार, यहां पढ़ें पूरा फर्जीवाड़ा

सेवा सहकारी समिति मर्या. देवरी में फर्जीवाड़ा : खरीफ 2015 के फसल ऋण वितरण में जमकर की गई गड़बड़ी

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सतना

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Suresh Mishra

Mar 20, 2018

660 farmers 8 crores debtor in satna

660 farmers 8 crores debtor in satna

भारत भूषण श्रीवास्तव @ सतना। अमरपाटन शाखा के सेवा सहकारी समिति मर्यादित देवरी में करीब 660 किसानों के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया गया। खरीफ 2015 के फसल ऋण वितरण में व्यापाक गड़बड़ी की गई। किसी भी किसान को एक रुपए का ऋण दिया नहीं और एक-एक किसान को लाखों रुपए का कर्जदार बना दिया गया।

पूरा खेल समिति के कुछ अधिकारी व चुने हुए जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से खेला गया। विभागीय जांच में तथ्य सामने आ गए तो अफरातफरी मच गई। लिहाजा, अधिकारियों ने एफआइआर के निर्देश दे दिए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी मामला दर्ज नहीं किया है।

खरीफ 2015 के फसल ऋण वितरण

दरअसल, खरीफ 2015 के फसल ऋण वितरण में सेवा सहकारी समिति मर्या. देवरी में 660 किसानों के नाम पर ऋण वितरण दिखाया गया। किसानों के नाम पर 7,98,69,167 रुपए ऋण वितरित किया गया। इसके दस्तावेज तैयार करते हुए मुख्यालय को भेजा गया।

प्रति किसान 1.21 लाख रुपए का फर्जी कर्ज

लेकिन, हकीकत में किसानों को ऋण दिया ही नहीं गया था। विभागीय जांच हुई, तो एक-एक कर फर्जीवाड़े की परत उधड़ आई। जांच में पाया गया कि औसतन प्रति किसान 1.21 लाख रुपए का फर्जी कर्ज दे दिया गया है। जांच के दौरान 250 किसानों ने शपथ पत्र देते हुए ऋण न लेने की बात भी स्वीकार की। उन्हें मालूम ही नहीं कि उनके नाम पर कर्ज चढ़ा है।

किसानों का कर्ज खाता तक नहीं
समिति द्वारा 660 किसानों को ऋण वितरण दिखाया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि उन किसानों का कर्ज खाता तक संधारित नहीं किया गया है। हर कदम पर मनमानी की गई है। केवल, सूची तैयार करते हुए मुख्यालय भेज दिया गया था।

15 करोड़ रुपए का खेल
भले ही फर्जी ऋण वितरण में 7.98 करोड़ का गड़बड़झाला सामने आया है लेकिन, जिम्मेदारों ने 15.04 करोड़ का खेल किया है। इसके लिए इन्होंने किसानों के फर्जी दस्तावेज तैयार करते हुए 6.29 करोड़ का फसल बीमा क्लेम भी ले लिया। उसे समिति के खाते में समायोजित कर दिया था। 54 लाख रुपए का ब्याज अनुदान पत्रक तैयार करते हुए लाभ लिया। साथ ही 23 लाख बीमा प्रीमियम भी ले लिया। इस तरह कुल 15.04 करोड़ रुपए डकार गए।

ये जिम्मेदार
जांच अधिकारी ने प्रतिवेदन में छह लोगों के नाम का जिक्र करते हुए एफआइआर कराने का आवेदन दिया है। इसमें सहायक समिति प्रबंधक रामलोटन तिवारी, समिति अध्यक्ष राजीव लोचन सिंह, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा अमरपाटन के प्रबंधक बाबूलाल पटेल, सीइओ ज्ञानेंद्र पांडेय व ऋण अधिकारी राजेश द्विवेदी, मुन्नालाल वर्मा पर्वेक्षक, अवधबिहारी शुक्ला प्रभारी महाप्रबंधक को आरोपी बनाया गया है।

जांच की गई थी। जो दोषी पाए गए हैं और तथ्य आए हैं उसका पूरा प्रतिवेदन विभाग को सौंपा जा चुका है।
डॉ. ठाकुर प्रसाद, जांच अधिकारी