
8 thousand metric tons Wheat soaked water in satna
सतना। देर रात आए तेज अंधड़ और बारिश ने हालात अस्त-व्यस्त कर दिए। कई घरों के टीन टप्पर उड़ गए। होर्डिंग्स को भी काफी नुकसान पहुंचा है। बुधवार देर रात हुई बारिश के कारण शहर में ब्लैक आउट की स्थिति बन गई। इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा नुकसान खरीदी केंद्रों में रखे गेहूं को हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक 8 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं भीग गया है। अंधड़ के दौरान स्थिति यह रही की रात को सफर कर रहे वाहनों ने अपने वाहन किनारे खड़े कर दिए।
चारों ओर धूल और कचरा
दरअसल, रात एक बजे के लगभग शुरू हुए तेज अंधड़ ने पूरे शहर को धूल-धूसरित कर दिया। चारों ओर धूल और कचरा उड़ रहा था। अंधड़ की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई घरों के टीन टप्पर उडऩे की भी खबरें है। साथ ही लगभग 15 मिनट बाद तेज बारिश शुरू हो गई। गरज चमक के साथ तेज हवाओं के बीच बारिश ने मौसम की तपिश तो खत्म कर दी लेकिन खरीदी केन्द्रों में अपनी फसल लेकर पहुंचे किसानों की हालत खराब कर दी।
पूरा गेहूं भीग गया
उनका पूरा गेहूं भीग गया है। इसी तरह उठाव के अभाव में खरीदी केन्द्रों में खुले में रखा पूरा गेहूं भीग गया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को जिले भर के खरीदी केन्द्रों में उठाव के अभाव में 18 हजार मीट्रिक टन गेहूं रखा था। इसका ज्यादातर हिस्सा खुले में पड़ा था। जानकारी के अनुसार 8 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं के भीगने की आशंका जताई जा रही है।
पूरे जिले में हालात खराब
देररात जिले के सभी इलाकों से मिली जानकारी के अनुसार अंधड़ और बारिश का असर पूरे जिले में देखने को मिला। नागौद, अमरपाटन, जैतवारा, मझगवां, रामपुर बाघेलान, मैहर, उचेहरा, कोटर, रामनगर सहित सभी तहसीलों में तेज आंधी और बारिश की खबर है। रात की वजह से किसी तरह के नुकसान कीजानकारी नहीं मिल सकी है।
अंधड़ आते ही बिजली गुल, शहर अंधेरे में
अंधड़ के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से पूरे शहर की विद्युत सप्लाई बंद कर दी गई। मिली जानकारी के अनुसार सभी 11 केवी के फीडर बंद कर दिए गए थे। इसी तरह से 33 केवी के रीवा नं 1 और कारीगोही फीडर भी बंद कर दिये गये थे। इस दौरान 33 केवी में कोलगवां और प्रेमनगर चालू रहा। इंडस्ट्रियल फीडर भी बंद कर दिया गया था।
Published on:
03 May 2018 10:55 am
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