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बिना सबूत जुटाए धुलवा दिया था बाथरूम में रखा तौलिया, MP पुलिस को नजर नहीं आ रहे असली साक्ष्य

आजाक जिला संयोजक की हत्या का मामला: कॉल डिटेल खंगालने में जुटी पुलिस

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सतना

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Suresh Mishra

Aug 20, 2018

Ajax coordinator dead case: Real evidence not being seen by police

Ajax coordinator dead case: Real evidence not being seen by police

सतना। आजाक जिला संयोजक अभिषेक की हत्या के मामले में कई साक्ष्यों को पुलिस ने नजरअंदाज भी किया है। हालांकि पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर की निगरानी में चल रही जांच के साथ पुलिस का दावा है कि हर तथ्य और साक्ष्य का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। लेकिन घटनास्थल पर मौजूद कुछ साक्ष्य एेसे भी रहे जो शायद पुलिस की नजर में अहम नहीं थे।

हत्या करने वालों के पैरों के निशान होने चाहिए थे

सूत्रों के मुताबिक, बंगला नंबर आर-265 के जिस कमरे से अभिषेक का शव बरामद हुआ था उसी कमरे और बरामदे से लगा एक बाथरूम भी है। इस बाथरूम में रखे बाल्टी में एक तौलिया पड़ा था। जो दूर से ही गंदा नजर आ रहा था। पहले दिन की जांच के बाद जब पुलिस वापस बंगले को जांचने पहुंची तो इस बात पर भी गौर किया गया कि किसी भी कमरे में किसी व्यक्ति के आने जाने के निशान नहीं मिले। जबकि बरसात के मौसम में बंगले का अगला हिस्सा गीला था और पीछे के रास्ते में कीचड़ रहा। एेसे में स्वाभाविक है कि हत्या करने वालों के पैरों के निशान होने चाहिए थे।

बिना फॉरेंसिक जांच कराए धुलवा दिया

दूसरे दिन की जांच में संदेह रहा कि बाल्टी में जो तौलिया पड़ा है उसी से पोछा लगाया गया होगा और कई अन्य जगहों को पोछते हुए साक्ष्य मिटाए गए होंगे। लेकिन पुलिस टीम में शामिल रहे एक पुलिसकर्मी की सलाह पर बाल्टी में पड़े तौलिया को बिना फॉरेंसिक जांच कराए धुलवा दिया गया। जांच के दौरान तर्क दिया गया कि तौलिया की वजह से गंध आ रही है। अगर गंध आ रही थी तो यह और भी जरूरी था कि उसे जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाए, ताकि यह बात सामने आ सके कि तौलिया में क्या-क्या लगा है?

जांच प्रभावित करेगा रिश्तेदार
पुलिस की जांच टीम में सिविल लाइन थाना में पदस्थ एक पुलिसकर्मी एेसा भी है जो मृतक का रिश्तेदार है। सूत्रों के अनुसार, प्रधान आरक्षक पद पर तैनात पुलिसकर्मी मृतक अभिषेक सिंह की पत्नी अनामिका सिंह का रिश्तेदार है। वह घटना के बाद से ही इस प्रकरण में सक्रिय है और पुलिस टीम के साथ जांच कार्रवाई में भी जुटा है। जानकारों की मानें तो हत्या जैसे सनसनीखेज मामले में अगर पीडि़त परिवार का सदस्य शामिल रहता है तो जांच प्रभावित हो सकती है।

परिजनों के नहीं हुए बयान
14 अगस्त की सुबह आजाक जिला संयोजक अभिषेक सिंह का शव उनके बंगले के कमरे से बरामद हुआ था। शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में होने के बाद से जांच जारी है। मृतक के भाई अम्बिकेश सिंह ने बताया छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अभिषेक के पिता, भाई, पत्नी और उनके रिश्तेदारों से पूछताछ नहीं की। जबकि विभाग के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की गई है। अगर मृतक की पत्नी, पिता और भाई से बात की जाती तो शायद घटना से जुड़े कुछ अहम तथ्य पुलिस के हाथ जरूर लगते।