बताया गया कि, 4 मार्च को माता का अभिषेक एवं विधिवत पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद गर्भगृह के पट दोबारा दर्शनार्थियों के लिए खोले जाएंगे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि, वे दर्शन के लिए निर्धारित समय से पहले मंदिर परिसर पहुंचें, साथ ही व्यवस्था बनाए रखने में मदद करें।