
Bees attack before the agni sanskar, people fleeing the dead body
सतना. गढ़िया टोला स्थित श्मशान घाट में बुधवार की दोपहर अंतिम संस्कार करने पहुंचे लोगों पर मधुमक्खियों ने अचानक हमला बोल दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि शवयात्रा में आए लोगों को अंतिम संस्कार छोड़कर वहां से भागना पड़ा। आधे घंटे तक भगदड़ की स्थिति बनी रही। जब मधुमक्खियों का हमला शांत हुआ तब लोग यहां पहुंचे और शव को 'छोटा हाथी' (वाहन) में रखकर दूसरे मुक्तिधाम ले गए, जहां अंतिम संस्कार किया। मधुमक्खियों के हमले में 20 लोगों का घायल होना बताया जा रहा है। शहर में लगातार दूसरे दिन ऐसी स्थिति बनी। इसके पहले मंगलवार को पौराणिक टोला स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार करने पहुंचे लोगों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था, जिसमें छग हाईकोर्ट के जज सहित 24 लोग घायल हुए थे।
बताया गया, पौराणिक टोला रेलवे लाइन के बगल स्थित एक दाहिया परिवार में बुधवार को गमी हो गई थी। लगभग 11 बजे शव को अंतिम संस्कार के लिए गढिय़ा टोला स्थित श्मशान लाया गया। कर्मकांड के साथ शव को चिता पर लिटाकर अग्नि संस्कार की प्रक्रिया प्रारंभ ही की जा रही थी कि यहां अलग से रखी लकड़ी में सुलग रही आग का धुआं बगल में स्थित एक पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते तक पहुंचा। देखते ही देखते मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। हालात यह बन गए कि लोगों में भगदड़ मच गई। शव को चितापर छोड़कर सभी भाग खड़े हुए। मधुमक्खियों ने काफी दूर तक यहां मौजूद रहे लोगों का पीछा कर काटा।
नाली में घुस कर भागे, फिर भी नहीं बचे
यह श्मशान सतना-चित्रकूट हाइवे के ठीक बगल में स्थित है। हाइवे से लगकर एक बड़ा नाला गया है। कुछ लोग खुद को बचाने के लिए इस नाले में कूद गए, उनके पीछे मधुमक्खियां भी आ गईं। इससे इन लोगों की हालत और बुरी हो गई। इस दौरान हाइवे पर भी अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
बाद में शव लेकर पहुंचे दूसरे श्मशान घाट
मधुमक्खियों का हमला जब आधे घंटे बाद शांत हुआ तो लोग डरते-डरते यहां पहुंचे और शवदाह दूसरी जगह करने का निर्णय लिया। इसके बाद 'छोटा हाथी' बुलाया गया। उसमें शव को रखकर नजीराबाद मुक्तिधाम ले गए और अंतिम संस्कार किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दिनों से यहां यही स्थिति बनी हुई है। इसके चलते यहां के लोगों में दहशत फैली हुई है।
Published on:
20 Feb 2020 01:14 am
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