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BIG NEWS: सीएमओ को कलेक्टर ने थमाया नोटिस

सरकारी खर्चे पर जनआशीर्वाद यात्रा का मामला: कलेक्टर बोले-आदेश निरस्तगी के बाद कैसे मांगी भुगतान की अनुमति
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सतना

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Pushpendra Pandey

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Updated: 24 Aug 2018, 10:06 AM IST

satna jan aashirwad yatrya

satna jan aashirwad yatrya

सतना. सरकारी खर्चे पर जनआशीर्वाद यात्रा मामले में नया मोड़ आ गया है। यात्रा के देयक कलेक्टर को भेजकर भुगतान की अनुमति चाहने पर सीएमओ की गर्दन फंसती नजर आ रही है। कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने ब्रह्मानंद शुक्ला को शो-कॉज जारी किया है। उसमें कहा है कि जिन पत्रों के हवाले से भुगतान की अनुमति चाही गई है उन पत्रों को निरस्त कर दिया गया था। इसका जवाब तीन दिन में मांगा है।
बता दें कि विगत दिवस नगर परिषद रामनगर के सीएमओ ब्रह्मानंद शुक्ला ने सीएम की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान टेंट और पंडाल में हुए लगभग ७ लाख रुपए के खर्च के देयक कलेक्टर को भेजते हुए इसके भुगतान की अनुमति चाही थी। इस पत्र के साथ ही मामला तूल पकड़ गया कि जब सीएम की जनआशीर्वाद यात्रा भाजपा का कार्यक्रम थी, फिर खर्च का भुगतान सरकारी मद से कैसे हो रहा है। अब मामले में सरकारी तंत्र बचाव की मुद्रा में आ गया है। एक भी रुपए खर्च न करने की सफाई दी जा रही है वहीं यह भी बताया गया कि सीएमओ ने कलेक्टर के जिस आदेश का हवाला देते हुए खर्च की अनुमति चाही है वह आदेश यात्रा के पहले ही निरस्त किए जा चुके थे।

यह है नोटिस में

सीएमओ रामनगर ब्रह्मानंद शुक्ला को जारी नोटिस में कलेक्टर ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की 18 और 19 जुलाई की जनआशीर्वाद यात्रा के टेंट और शामियाने में हुए व्यय पर 6,95,050 रुपए भुगतान की अनुमति मांगी है। जिन दो पत्रों का हवाला देते हुए भुगतान की अनुमति चाही गई है वे संबंधित व्यय संबंधी नहीं थे। जिस एक पत्र क्रमांक 97/सत्कार/2018/06.07.18 का उल्लेख किया गया है वह वीआइपी व्यवस्था के लिए कार्य विभाजन आदेश था। इसे आदेश क्रमांक 105/सत्कार सतना दिनांक 12/07/2018 द्वारा निरस्त किया गया था। इसी प्रकार दूसरा आदेश परिपत्र क्रमांक 96/सत्कार/18 दिनांक 06/07/2018 को भी परिपत्र क्रमांक 103/सत्कार/2018 दिनांक 11/07/2018 द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इसमें स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया था कि नगरीय निकायों के माध्यम से जनआशीर्वाद यात्रा में राशि व्यय न की जाए। कलेक्टर ने सीएमओ से कहा है कि इन स्पष्ट निर्देशों के बाद भी आपके द्वारा नगरीय निकाय से राशि भुगतान की अनुमति चाही गई है जो कि सर्वथा अनुचित है। साथ ही बताया है कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम दलीय था न कि शासकीय कार्यक्रम था।


तीन दिन में जवाब
कलेक्टर ने कहा कि स्पष्ट निर्देश के बाद भी आपके द्वारा नगरीय निकाय से कार्यक्रम में हुए व्यय राशि भुगतान प्रस्तावित किया है। आपका यह कृत्य कदाचरण की श्रेणी में आता है। पत्र प्राप्ति के 3 दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि किन परिस्थितियों में आपके द्वारा इस प्रकार की अनुचित कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। समय पर जवाब न देने पर एकतरफा कार्रवाई की बात कही गई है।

सीएमओ द्वारा जिन पत्रों का हवाला देकर भुगतान की अनुमति चाही गई है उन पत्रों को यात्रा के पहले ही निरस्त किया जा चुका था। इसके बाद भी इनके द्वारा भुगतान की अनुमति मांगना कदाचरण है। इस संबंध में उन्हें नोटिस दिया गया है।

मुकेश शुक्ला, कलेक्टर

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