6 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुस्साए अभिभावकों ने रोकी खटारा स्कूल बस, बिरसिंहपुर में 6 बच्चों की मौत के बाद भी प्रशासन निष्क्रिय

ट्रैफिक पुलिस ने जांचे कई स्कूल वाहन
2 min read
Google source verification

सतना

image

Suresh Mishra

Nov 25, 2018

Birsinghpur road accident: Parents stop school bus in satna

Birsinghpur road accident: Parents stop school bus in satna

सतना। सिर्फ देहात के इलाकों में ही नहीं बल्कि शहर में भी स्कूल बस और वैन में नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। बच्चों की जान से जानबूझकर खिलवाड़ कर रहे स्कूल संचालक हादसे के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं देते। हालांकि बिरसिंहपुर में बस व स्कूल की जीप टकराने पर छह बच्चों की मौत के बाद यहां के लोग सक्रिय हुए हैं।

शनिवार को जब निजी स्कूल की बस बच्चों को लेने पहुंची तो अभिभावकों ने खुद ही बस को रोककर जांचना शुरू कर दिया। जब खामी नजर आई तो जिम्मेदार अफसरों को खबर दी गई। इसके बाद परिवहन महकमे के अधिकारी पहुंचे और बस का फिटनेस रद्द कर जांच शुरू कर दी। इसके बाद शहर में ट्रैफिक पुलिस भी सक्रिय हुई और कई जगहों पर स्कूल वाहन जांचे गए।

कंडम सीट पर बैठे थे बच्चे
बोनांजा स्कूल की बस एमपी 19 पी 0311 को बिरसिंहपुर में चुनकाई दास अखाड़ा के पास बच्चों के अभिभावकों ने रोक लिया। बस के टायर खराब थे। अंदर गौर किया तो चालक की सीट के साथ बस की कई सीटें कंडम हाल में मिलीं। बैक लाइट भी काम नहीं कर रही थी। एेसे में बस चालक निर्भय सिंह को भी फटकार लगाई गई। लेकिन, उसने मालिक पर ठीकरा फोड़ दिया। बस रोकने वाले बनवारी लाल अग्रवाल, कमलेश केशरवानी, लालजी गुप्ता, राहुल अग्रवाल ने बस से बच्चों को नहीं जाने दिया। एेसे में परिवहन विभाग की टीम पहुंची। जांच के बाद इस बस का फिटनेस रद्द करते हुए बस को थाने में जब्त करा दिया।

वैन में भरे थे 22 बच्चे
ट्रैफिक थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी, सूबेदार मंजू वर्मा समेत अन्य अफसरों ने स्कूल वाहनों की जांच की। निजी स्कूल की बसों में जीपीएस, स्पीड गवर्नर, कैमरे लगे पाए गए। क्षमता के अनुसार बच्चे भी सही पाए गए। लेकिन कुछ बसों के फस्र्ट एड बॉक्स में दवाएं पर्याप्त नहीं थीं। उनकी पूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान एक स्कूल वैन एमपी 19 बीबी 1318 को रोका, जो ग्लोबल स्कूल की थी। इस वैन में 22 बच्चे ठसाठस भरे मिले। इसी तरह निजी स्कूल की एक और वैन एमजी 19 टी 0225 में क्षता से पांच बच्चे अधिक पाए गए। इन दोनों वाहनों को जब्त कर कार्रवाही की गई। इसके अलावा वाहन चेकिंग में 17 वाहनों की नंबर प्लेट और तीन वाहनों पर काली फिल्म लगी होने पर कार्रवाई की गई।

मालवाहक में 38 मजदूर
बस की जांच के दौरान मालवाहक वाहन एमपी 19 जीए 3054 पर नजर पड़ी तो उसे भी रोक लिया गया। वाहन में 38 मजदूर सवार थे। एेसे में वाहन को जब्त कर थाना भेज दिया गया। यह वाहन हरसेड़ से जैतवारा मजदूरों को लेकर जा रहा था। परिवहन अधिकारी संजय श्रीवास्वत ने बताया कि जांच में स्पीड गवर्नर, जीपीएस, कैमरा लगा पाया गया था। लेकिन टायर व सीट सही नहीं होने पर फिटनेस रद्द किया। स्कूल बस के दस्तावेज सामने आने पर उसका एक हजार रुपए का जुर्माना करते हुए बस को सुधार कराने की छूट दी गई है।