
BRGF Yojana Big fraud in satna madhya pradesh
सतना। सतना सहित 30 जिलों में बीआरजीएफ योजना में करोड़ों रुपए के गबन का मामला सामने आया है। दरअसल, तीन साल पहले 31 मार्च 2015 को बीआरजीएफ (पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि) योजना को समाप्त कर दिया गया था। योजना के प्रगतिरत कामों को शीघ्रता से पूरा करने और गबन के प्रकरणों में वसूली पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन, तीन साल बाद भी स्थिति यह है कि बीआरजीएफ के गबन की राशि जस की तस है।
अपर मुख्य सचिव की समीक्षा में यह तथ्य सामने आने के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में हड़कम्प की स्थिति बन गई है। समीक्षा में सतना सहित 30 जिले ऐसे पाए गए हैं जहां करोड़ों रुपए योजना के तहत गबन किए गए हैं और उनकी वसूली नहीं हो सकी है। सतना में गबन के 83 प्रकरणों में 290.84 लाख की वसूली शेष है। समीक्षा बैठक में जिलेवार गबन की जो स्थिति सामने आई है, उसमें बड़वानी में सबसे ज्यादा गबन किया जाना पाया गया है। यहां गबन के 202 प्रकरण पाए गए हैं।
इनमें 1000.39 लाख रुपए का गबन होना मिला है। अलीराजपुर में गबन के 10 प्रकरणों में 27.95 लाख, अनूपपुर में 4 प्रकरण 12 लाख, अशोकनगर 14 प्रकरण 31.94 लाख, बालाघाट 13 प्रकरण 31.56 लाख, बैतूल 65 प्रकरण 152.04 लाख, बुरहानपुर 15 प्रकरण 66 लाख, छतरपुर 28 प्रकरण 50.37 लाख, छिदवाड़ा 4 प्रकरण 12.90 लाख, धार 17 प्रकरण 55.12 लाख, गुना 37 प्रकरण 102.81 लाख, झाबुआ 8 प्रकरण 12.55 लाख, खरगोन 16 प्रकरण 73 लाख, मंडला 25 प्रकरण 123.50 लाख, राजगढ़ 63 प्रकरण 227 लाख। सिवनी में 24 प्रकरण 55.32 लाख, शहडोल में 23 प्रकरण 116 लाख, श्योपुर 35 प्रकरण 120 लाख, शिवपुरी 110 प्रकरण 366.39 लाख, सीधी के 49 प्रकरणों में 154.83 लाख रुपए का गबन हुआ है।
सर्वाधिक राशि के काम सतना में लंबित
बीआरजीएफ के कामों में किस हद दर्जे की लापरवाही जिला स्तर पर बरती गई है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2015 में राशि मिलने के बाद भी अभी 1023 काम शुरू नहीं हुए हैं और इन कामों के लिये लगभग 5514 लाख रुपए जारी किए जा चुके हैं। इसमें सर्वाधिक 322 काम शिवपुरी में शुरू नहीं हुए तो सर्वाधिक 1806 लाख रुपए के काम सतना जिले में लंबित है ।
दिसंबर 2017 में थे वसूली के निर्देश
योजना को बंद करने के साथ 2015 में ऐसे काम जो अप्रारंभ थे और राशि जारी नहीं हुई थी उन्हें निरस्त कर दिया था तथा जो प्रगतिरत थे अथवा जिन अप्रारंभ कामों को राशि जारी हो गई थी उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे। गबन राशि का आकलन कर 7 दिसंबर 2017 को राशि वसूली करने के निर्देश समीक्षा बैठक में दिए गये थे।
अब लगातार समीक्षा के निर्देश
एसीएस की समीक्षा में गड़बड़झाला सामने आने के बाद संचालक पंचायत राज संचालनालय शमीम ने सभी संबंधित जिलों से जिपं सीइओ से कहा है कि लंबित सभी काम तत्काल पूर्ण कराएं तथा इनकी एजेंसीवार प्रति सप्ताह समीक्षा करें। गबन की राशि में भी वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
19 May 2018 01:11 pm
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