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बहन का मोबाइल लेकर सराफा कारोबारी को लूटने आए थे बदमाश, एक नजर में जानिए पूरा मामला

सराफा कारोबारी से हुई लूट का खुलासा, दो आरोपियों से लूट की बाइक, कट्टा समेत जेवर बरामद

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Bullion trader loot Exposed in satna madhya pradesh

Bullion trader loot Exposed in satna madhya pradesh

सतना। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पौराणिक टोला में सराफा कारोबारी को लूटने वाले बदमाश बेहद शातिर निकले। खुद को बचाने के लिए दोनों में एक लुटेरा बहन का मोबाइल फोन लेकर आया था, ताकि सायबर सेल की मदद से भी पुलिस उस तक न पहुंच सके। हालांकि अपराधी का यह तरीका भी काम नहीं आया।

शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए इनके कब्जे से लूट में प्रयुक्त मोटर साइकिल, कट्टा और जेवर बरामद कर लिए। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया है।

सराफा कारोबारी शंकर प्रसाद सोनी निवासी पौराणिक टोला वन विभाग कार्यालय के सामने अपनी दुकान प्रांशू ज्वेलर्स को बंद कर 18 सितंबर की रात घर लौट रहे थे। जेवर से भरा बैग लेकर मोटर साइकिल एमपी 19 जी 8034 से घर जा रहे शंकर को रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने रोक लिया था। कट्टे के दम पर दोनों गहनों से भरा बैग लूटकर भाग निकले थे। फरियादी ने घटना के बाद पुलिस को बताया था कि उसके बैग में 800 ग्राम कच्ची चांदी, पौने दो किलो चांदी के जेवर, 18 ग्राम सोना, सोने की बाली, मंलसूत्र, लॉकेट रखे थे।

सूरत भाग गया था
सायबर सेल की मदद ले रही पुलिस टीम के सदस्य टीआई भूपेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र शुक्ला, राजेश सिंह, आरक्षक देवेन्द्र सेन, भूपेन्द्र सिंह बघेल, जगदीश मीणा, रमाकांत तिवारी, राहुल सिंह, अरविंद सिंह को एक लोकेशन देकर एसपी ने रवाना किया था। जांच पड़ताल में पता चला कि जिस नंबर के पीछे पुलिस पड़ी है वह मोबाइल नंबर किसी लड़की का है। गहन जांच में पता चला कि उसी लड़की का भाई मानू है जो घटना के बाद से ही सूरत चला गया था। मानू के बारे में जानकारी जुटाने पर उसके साथी प्रिंस का नाम सामने आया तो पता चला कि प्रिंस की अपराधिक पृष्ठभूमि है। उसके भाई और पिता भी अपराध कर चुके हैं।

10 हजार का एसपी ने रखा था इनाम
इस अपराध के बाद जब सराफा कारोबारियों ने दुकाने बंद कर पुलिस कप्तान से अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग किया, तो एसपी राजेश हिंगणकर ने सीएसपी वीडी पाण्डेय के नेतृत्व में एक टीम बनाई थी। इसके साथ ही अपराधियों तक पहुंचने 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। एसपी हिंगणकर टीम के सदस्यों से सीधे संपर्क में रहकर हत्य तथ्य की जानकारी जुटा रहे थे। जब संदेहियों के बारे में पता चला तो उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें एक साथ जुटीं और तीन महीने बाद आरोपी मानू उर्फ मनीष सिंह बरगाही पुत्र अमरजीत सिंह बरगाही निवासी सोनवर्षा थाना कोटर व प्रिंस कुमार उर्फ आनंद कुमार जायसवाल पुत्र बद्री प्रसाद जायसवाल निवासी सिंधी कैंप को गिरफ्त में लिया।

पुलिस ने आरोपियों से ये किया बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त की गई बाइक एमपी 19 एमजे 0734 जब्त की है। साथ ही आरोपियों की निशादेही पर कट्टा व दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। लूटे हुए गहनों में प्रिंस के कब्जे से चांदी के पांच नग पायल, चूड़ी, दो जोड़ी बिछिया, बच्चों की पायल, चांदी की चेन बरामद हुई। आरोपी मानू के कब्जे से चांदी के पांच जोड़ी पायल, चांदी का कड़ा, सोने की कील, बिछिया समेत अन्य गहने जब्त किए गए हैं। शंकर प्रसाद के साथ लूट की वारदात के बाद एक नवंबर को सराफा कारोबारी अमित सोनी के साथ समरिटन अस्पताल के नजदीक गोली मार कर बदमाशों ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। अमित के साथ हुई घटना का खुलासा अभी बाकी है।