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900 दिनों में कलर कोडिंग नहीं कर पाने पर ये क्या बोल गए आरटीओ

अधिकारियों की ढिलाई से तीन साल में नहीं हो सका रूट निर्धारण

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Colour Coding status Auto in satna Madhya pradesh

Colour Coding status Auto in satna Madhya pradesh

सतना. आज से तीन साल पहले कलेक्टे्रट में कलेक्टर की अध्यक्षता में यातायात सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें पुलिस अधीक्षक, निगमायुक्त, बस एवं ऑटो संचालक सहित गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर शहर के बेतरतीब यातायात को सुधारने पर मंथन किया। यातायात दबाव को नियंत्रित करने सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि पंद्रह दिनों के अंदर आरटीओ द्वारा ऑटो का रूट निर्धारण कर कलर कोडिंग की व्यवस्था दी जाएगी। तब से अब तक 900 दिन गुजर चुके हैं, आरटीओ को समय नहीं मिल सका है। आरटीओ संजय श्रीवास्वत ने कहा कि कार्य की अधिकता, स्टाफ की कमी से सभी निर्णयों पर अमल नहीं कर पा रहे हैं। बसों को हवाई पट्टी, ट्रांसपोर्टर को बाहर शिफ्ट सहित रूटीन की कार्रवाई की भी जिम्मेदारी है।

शहरवासी भुगत रहे खामियाजा
आरटीओ, पुलिस और निगम प्रशासन के जिम्मेदारों के निर्णय बेमानी साबित हो रहे हैं। नकारा व्यवस्था का खामियाजा शहर के वाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है।

आरटीओ की लापरवाही
शहर व ग्रामीण अंचल में चलने वाले ऑटो में कलर कोडिंग के साथ नंबरिंग भी की जानी थी। आरटीओ महकमे को रूट के आधार पर ऑटो चालको को नंबरों का वितरण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन लापरवाही के चलते ऑटो की नंबरिंग तो करना तो दूर दोबारा इस संबंध में किसी प्रकार की कोशिश तक नहीं की गयी। आरटीओ यह भी नही बता पा रहे हैं कि कब तक शहर का यातायात सुगम होगा।

अपने ही निर्णय पर नहीं कर सके अमल
तीन साल पहले यातायात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शहर में ऑटो संचालन के लिए चार प्वॉइंट्स का निर्धारण करने की प्लॉनिंग की गई थी। इसमें स्टेशन से बगहा, सोहावल, स्टेशन से स्टैण्ड, माधवगढ़, स्टेशन से नजीराबाद, स्टेशन से मुख्त्यारंगज रूट शामिल थे। लेकिन सालों बीतने के बाद भी लचर और नकारा व्यवस्था के कारण योजना मूर्त रूप नहीं ले पाई। आज भी बेतरतीब ढंग से ऑटो संचालित किए जा रहे हैं। जिम्मेदार अपने ही निर्णय पर अमल नहीं कर पा रहे हैं। बैठक के निर्णय फाइलों में कैद धूल खा रहे हैं।

तय करेंगे जिम्मेदारी
कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने कहा कि शहर के यातायात को सुगम बनाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। शीघ्र ही यातायात समिति की बैठक बुलाई जाएगी। निर्णय पर अमल क्यों नहीं किया गया? जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जताई अनभिज्ञता
बतौर एसपी राजेश हिंगणकर निर्णय तीन साल पहले हुए, जानकारी नहीं है। कुछ दिनों पहले यातायात को लेकर बैठक के निर्णय का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। पता करेंगे पहले बैठक में क्या निर्णय हुए।

सुगम यातयात के लिए हरसंभव प्रयास
निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने बताया कि यातायात सुगम बनाने हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। सभी की जिम्मेदारी तय कर दी गयी है। कलर कोडिंग की जिम्मेदारी आरटीओ को दी गई है।