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Chaitra Navratri 2018: नवरात्र में मां शारदा के दर पर ये होंगे खास इंतजाम, ऐसे 9 दिन करें 9 देवियों की पूजा

मैहर नगर से 5 किमी. दूर त्रिकूट पर्वत पर मां शारदा का मंदिर है। माता के दर पर पहुंचने के लिए 1059 सीढिय़ां चढ़कर जाना पड़ता है।  

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सतना

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Suresh Mishra

Mar 04, 2018

chaitra navratri 2018: preparation in maihar sharda temple

chaitra navratri 2018: preparation in maihar sharda temple

सतना। मैहर शारदा मंदिर पर लगने वाले नवरात्र मेले की तैयारियां शुरू हो गई है। जैसे-जैसे नवरात्र के दिन करीब आ रहे है। वैसे-वैसे प्रशासनिक कसावट बढ़ती जा रही है। वैसे तो देशभर में नवरात्रि वर्ष में चार बार यानी पौष, चैत्र, आषाढ, अश्विन माह में आती है। लेकिन मैहर शारदा धाम पर चैत्र और आश्विन नवरात्री का अलग ही महत्व है। यहां नवरात्र पर देशभर से करोड़ों भक्त पहुंचते है। कहते है पहाड़ा वाली मां भक्तों की झोली भर देती है। बस इसी आस में भक्त खींचे चले आते है।

पूरा वातावरण भक्तिमय

गौरतलब है कि, मैहर नगर से 5 किमी. दूर त्रिकूट पर्वत पर मां शारदा का मंदिर है। माता के दर पर पहुंचने के लिए 1059 सीढिय़ां चढ़कर जाना पड़ता है। शारदा प्रबंध समिति द्वारा रोपवे की भी व्यवस्था बनाई गई है। जिसमें महज कुछ रुपए अदा कर मां के दर्शन किए जा सकते है। पहाड़ी पर चढऩे के बाद मां शारदा का प्रांगण मिलता है। जहां का पूरा वातावरण भक्तिमय रहता है। श्रद्धालु मां शारदा के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना करते है।

18 से 26 मार्च तक चलेगा नवरात्र
पंडित हरीनारायण शास्त्री के अनुसार नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियां महालक्ष्मी, महासरस्वती या सरस्वती और दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है जिन्हें नवदुर्गा कहते हैं। दुर्गा का मतलब जीवन के दुख-कष्टों को हटाने वाली होता है। भाग्य को बढाने वाली, ज्ञान, शक्ति और धन देने वाली मां दुर्गा की पूजा का यह विशेष अवसर चैत्र नवरात्र के रूप में आ रहा है। इस बार चैत्र नवरात्र 18 मार्च से शुरु होगी और 26 मार्च को इसका पारण होगा।

नवरात्री की ये है नौ देवियां
1- शैलपुत्री: इसका अर्थ-पहाड़ों की पुत्री होता है।
2- ब्रह्मचारिणी: इसका अर्थ-ब्रह्मचारीणी माता कहलाता है।
3- चंद्रघंटा: इसका अर्थ-चांद की तरह चमकने वाली।
4- कूष्माण्डा: इसका अर्थ-पूरा जगत उनके पैर में है।
5- स्कंदमाता: इसका अर्थ-कार्तिक स्वामी की माता।
6- कात्यायनी: इसका अर्थ-कात्यायन आश्रम में जन्मि।
7- कालरात्रि: इसका अर्थ-काल का नाश करने वली।
8- महागौरी: इसका अर्थ-सफेद रंग वाली मां।
9- सिद्धिदात्री: इसका अर्थ- सर्व सिद्धि देने वाली।

दुर्गा पूजन से होगी साल की शुरुआत
पंडित शिवनारायण बताते हैं कि चैत्र नवरात्रि के लिए घटस्थापना चैत्र प्रतिपदा को होती है जो कि -हिन्दु कैलेण्डर का पहला दिवस होता है। इस प्रकार साल के प्रथम दिन से अगले नौ दिनों तक माता की पूजा कर वर्ष का शुभारम्भ करते हैं। चैत्र नवरात्रि को बसंत नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। भगवान राम का जन्मदिवस चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन पड़ता है और इस कारण चैत्र नवरात्रि का महत्व और भी बढ़ जाता है।