
Chaitra Navratri 2019: Date time Ghatasthapana muhurat news picture
सतना। पंचांगों के मुताबिक चैत्र मास से ही हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है। गुड़ी पड़वा को साल का पहला दिन होता है। इसी माह में चैत्र मास में ही नवरात्रि भी पड़ती है, जो चैत्र नवरात्र कहलाती है। इस बार नवरात्रि 6 अप्रैल से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगी। बड़ी बात यह है इस बार नवरात्रि आठ शुभ संयोगों से सुशोभित होगी।
पंडित मोहनलाल द्विवेदी ने बताया की इस साल चैत्र नवरात्रि में 5 सर्वार्थ सिद्धि, 2 रवि योग और एक रवि पुष्य योग का शुभ संयोग बन रहा है। माना जा रहा है कि इन संयोगों में माता की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। नवरात्रि में देवी के नौ रुपों की उपासना की जाती है।
आगमन और गमन होगा सिद्धी दायक
ज्योतिषाचार्य रामबहोर तिवारी के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन घोड़े की सवारी से होगा जो अति शुभ है। देवीपुराण में नवरात्रि में भगवती के आगमन व प्रस्थान के लिए वार अनुसार वाहन बताए गए हैं। इस बार माता का आगमन व गमन जनजीवन के लिए हर प्रकार की सिद्धि देने वाला है दुर्गा जी शनिवार को घोड़े पर सवार होकर आएंगी एवं रविवार को विसर्जन होने से भैंसे पर बैठकर जाएंगी जो संसार में सुख,समृद्धि व शांति देगी।
घट स्थापना मुहूर्त
शनिवार से नवरात्रि की शुरुआत होगी। अश्विनी नक्षत्र में घट स्थापना के साथ शक्ति उपासना का पर्व काल शुरू होगा। यह देवीकृपा और इष्ट साधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
नवरात्रि के शुभ संयोग
- 06 अप्रैल घट स्थापना, बूझ मुहूर्त में
- 07 अप्रैल सर्वार्थ सिद्धि, शुभ योग द्वितीया
- 08 अप्रैल गणगौर कार्य सिद्धि, रवि योग तृतीया
- 09 अप्रैल सर्वार्थ सिद्धि, योग चतुर्थी
- 10 अप्रैल लक्ष्मी पंचमी रवियोग, पंचमी तिथि
- 11 अप्रैल षष्ठी तिथि पर वियोग
- 12 अप्रैल सप्तमी तिथि, सर्वार्थ सिद्धि योग
- 13 अप्रैल रवियोग अष्टमी तिथि, स्मार्त मतानुसार
- 14 अप्रैल रवि पुष्य नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि नवमी
Published on:
30 Mar 2019 01:52 pm
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