
Child death in the car due to Suffocating
सतना. जन्मदिन के दूसरे दिन ही आठ साल के एक मासूम की कार के अंदर दम घुटने से मौत हो गई। वह कार में खेल रहा था, तभी अचानक गेट लॉक हो गए। मासूम बाहर नहीं निकल पाया और भीषण गर्मी के बीच दम घुट गया। परिवार के लोग आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। गुरुवार दोपहर रामपुर बाघेलान के सेहेरुआ गांव में हुई यह घटना जिलेभर में चर्चा का विषय बनी रही।
धूप में खड़ी थी कार
सूत्रों के अनुसार, सेहेरुआ निवासी रमेश पटेल के इकलौते बेटे अनिरुद्ध उर्फ शिवम पटेल (८) का ५ जून को जन्मदिन था। शिवम के जन्मदिन में शामिल होने कई रिश्तेदार घर आए थे। शिवम के मामा जयभान सिंह पटेल निवासी मनकहरी की कार (एमपी १९ सीए ५६६०) घर के बाहर खड़ी थी। खेलते हुए दोपहर में शिवम कार के अंदर जा बैठा। इस बीच कार ऑटो लाक हुई और तपती धूप में रखी कार के अंदर शिवम फंस गया। घर के बाहर कोई सदस्य भी मौजूद नहीं था जो शिवम को देख पाता।
बाहर तलाशते रहे परिजन
काफी देर तक शिवम नजर नहीं आया तो उसकी मां रविता घर से बाहर निकली। आस पास शिवम को तलाश रही थी तभी शिवम कार के अंदर अचेत नजर आया। आनन फानन कार का दरवाजा खोलते हुए शिवम को अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत्यु की पुष्टि होते ही पीडि़त परिवार पर मानो कहर टूट पड़ा। सुचना मिलने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए बच्चे का शव रवाना करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।
बच्चों का ध्यान रखें परिजन
एक हादसे में इकलौते बच्चे की मौत हो गई, लेकिन इस हादसे से कार रखने वाले सभी लोगों को सीख लेने की जरूरत है। बच्चे कितनी भी जिद करें, उन्हें कार की चाबी देकर अकेले न भेजें। कई बार बच्चे चुपके से चाबी ले जाकर कार की सवारी करने लगते हैं। इस ओर भी ध्यान देना पड़ेगा। यह पहला मामला है जब यहां किसी बच्चे की कार के अंदर दम घुटने से मौत हो गई। बच्चे खेल खेल में कार में सवार तो हो जाते हैं लेकिन हाइटेक सिस्टम वाली गाडि़यों में कार ऑटो लॉक होने के बाद चाबी से ही अनलॉक करने पर खुलती हैं। एेसे में परिजनों को गंभीरता बरतना होगी।
पुलिस ने रखा उपवास
इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलने के बाद थाना रामपुर बाघेलान के पुलिस स्टाफ ने रात को खाना नहीं खाया। टीआइ मोहित सक्सेना ने खाना बनाने आए नौकर को लौटा दिया। इसी तरह एसआइ यूपी सिंह बघेल समेत थाने के कुछ स्टॉफ ने अपने टिफिन नहीं खोले। जो अधिककारी व कर्मचारी ढाबों से खाना मंगाते हैं उन्होंने भी मना कर दिया।
किसके पास थी चाबी
बच्चे को उसके परिजन सीधे अस्पताल लेकर आए। एेसे में पुलिस को समय रहते सूचना नहीं मिली और हादसे की जांच शुरू नहीं की जा सकी। एक बड़ा सवाल इस हादसे के बाद यह उठ रहा है कि आखिरकार का लॉक कैसे खुला था जो बच्चा अंदर पहुंच गया। आशंका जताई जा रही है कि कार की चाबी बच्चे के पास थी। वह लॉक खोलकर कार में सवार तो हो गया, लेकिन ऑटो लॉक होने के बाद कार दोबारा उससे नहीं खुल सकी। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना कैसे हुई। यह पता चला है कि दोपहर में खाना खाने के बाद करीब ढाई बजे शिवम बाहर जाकर कार में सवार हो गया था। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे परिजनों को उसका पता चला।
Published on:
08 Jun 2019 02:28 am
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