
Chitrakoot by-election latest news in Code of Conduct violation
सतना। चित्रकूट उपचुनाव के लिए लागू की गई आदर्श आचरण संहिता के मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी पर सवाल उठने लगे हैं। आयोग के निर्देशानुसार, चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही नियमानुसार की गई पहली प्रेस कांफ्रेस में जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि चित्रकूट उपचुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता सिर्फ चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में लागू रहेगी।
लेकिन पत्रिका के हाथ लगे दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह आचार संहिता संपूर्ण जिले में लागू होनी चाहिए। चुनाव कार्यक्रम 13 अक्टूबर को घोषित होने के बाद आज तक संपूर्ण जिले में आदर्श आचरण संहिता प्रभावी होने के आदेश सार्वजनिक नहीं किए न ही इस संबंध में कोई कार्रवाई की जा रही।
यूं विभागों ने उड़ाई धज्जियां
जिला निर्वाचन अधिकारी की आदर्श आचरण संहिता को लेकर क्षेत्र संबंधी स्पष्टता जारी नहीं किये जाने का असर यह रहा कि विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में खुलेआम आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई गईं। मसलन 63वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह में प्राइवेट व्यक्ति से अध्यक्षता कराई गई। इसी तरह से विभिन्न ब्लाकों में सम्मेलन आयोजित कर सरकारी योजनाओं का जमकर बखान किया गया। हद तो यह है कि अभी तक इन मामलों में किसी को नोटिस तक जारी नहीं की गई है
ये है आयोग की गाइडलाइन...
भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ प्रधान सचिव आरके श्रीवास्तव के हस्ताक्षर से २० जून को जारी गाइड लाइन में स्पष्ट किया गया था कि यदि निर्वाचन क्षेत्र राज्य की राजधानी, महानगर, नगर निगमों में समाहित है तो आदर्श आचार संहिता केवल संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के इलाके में ही लागू होगी।
आचार संहित संपूर्ण जिले में प्रभावी
अन्य सभी मामलों में आदर्श आचार संहिता उप निर्वाचनों के लिये नियत निर्वाचन क्षेत्र को समाहित करने वाले पूरे जिले पर लागू होगी। यह अनुदेश २० जून को सं. ४३७ /६/ अनुदेश/२०१६-सीसीएस के तहत जारी किये गये थे। इस अनुदेश के अनुक्रम मे यह मामला विधानसभा उपचुनाव से संबंधित है ऐसे में आदर्श आचार संहित संपूर्ण जिले में प्रभावी है।
स्पष्ट आदेश सार्वजनिक तौर पर जारी नहीं
लेकिन जिला निर्वाचन अधिकारी ने अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश सार्वजनिक तौर पर जारी नहीं किये हैं। न ही इसकी सार्वजनिक सूचना जारी करवाई है। नतीजा है कि खुद जिला मुख्यालय में ही आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ रही है। सरकारी दफ्तरों में तमाम चुनाव चिह्न बने हुए हैं और पार्टी नेताओं के शुभकामना संदेश बिना अनुमति के होर्डिंगों में जारी हैं।
Published on:
18 Oct 2017 11:35 am
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