
Congress leader's son attacked the hotel by calling
सतना. कांग्रेस नेता और रेत के साथ होटल कारोबारी अनिल अग्रहरि उर्फ शिवा के बेटों पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। कोलगवां थाना क्षेत्र के होटल उमा रेसीडेंसी में शनिवार की रात करीब 9 बजे यह हमला हुआ है। घटना के बाद आरोपियों में ही एक नए घायल को अस्पताल तक छोड़ा और भाग निकला।
पता चला है कि डालीबाबा पंजाबी कॉलोनी निवासी सौरभ सोनी पुत्र भोले सोनी (28) पर हमला हुआ है। पीड़ित ने बताया, वह शिवा अग्रहरि की रेत खदान में चार महीने से काम कर रहा था। जिसका एक महीने का वेतन 15 हजार रुपए लेने के लिए मालिक से संपर्क किया तो कांग्रेस नेता शिवा के पुत्र श्रेयश अग्रहरि ने फोन कर होटल उमा रेसीडेंसी में हिसाब करने बुलाया। होटल पहुंचने पर श्रेयश ने बाथरूम जाने को कहा और फिर अचानक श्रेयश, प्रियश अग्रहरि समेत वहां मौजूद चार से पांच अन्य लोगों ने हमला बोल दिया। पीड़ित का आरोप है कि उस पर बेस बॉल के बेट, रॉड और धारदार हथियार से हमला किया। हमले के बाद पुष्पेंद्र त्रिपाठी नाम का युवक बिड़ला अस्पताल में सौरभ को छोड़कर भाग निकला। आरोप है कि पुष्पेंद्र ने ही सौरभ का मोबाइल फोन भी रख लिया था ताकि वह किसी से संपर्क ना कर सके। होश आने पर सौरभ ने अपने भाई को फोन कराकर बुलाया।
शाम को बैतूल से लौट
घायल युवक का कहना है कि वह अनिल उर्फ शिवा अग्रहरि की बैतूल स्थित खदान में काम करता है। सुबह करीब 7 बजे ही बैतूल से लौटा और त्योहार में वेतन लेने के लिए प्रयास करने लगा। इस दौरान श्रेयश का फोन आने पर वह होटल उमा रेसीडेंसी चला गया।
गबन का लगाया आरोप
घायल सौरभ का कहना है कि जब वह वेतन लेने होटल पहुंचा तो उस पर एक लाख 10 हजार रुपए के गबन का आरोप लगाने लगे। सौरभ ने बताया कि उसने किसी तरह की राशि का गबन नहीं किया और इमानदारी से अपना काम करता रहा। लेकिन कुछ कर्मचारियों के कहने पर उसके ऊपर आरोप लगने लगा।
अस्पताल में पहुंची भीड़
घटना की सूचना मिलने पर स्वर्णकार समाज और व्यापारी वर्ग से जुड़े कई व्यक्ति जिला अस्पताल पहुंचे। जहां सभी आक्रोशित नजर आए। रात को ही तय किया गया कि सुबह होते ही पुलिस अधीक्षक के पास जाकर आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की जाएगी।
बयान के बाद एफआइआर
कोलगवां थाना से उप निरीक्षक रीता त्रिपाठी जिला अस्पताल पहुंचीं। उनके साथ सहायक उप निरीक्षक राकेश मिश्रा भी रहे। एसआइ त्रिपाठी ने पीड़ित के बयान दर्ज करते हुए पूरा घटनाक्रम लेख किया और फिर पीड़ित पक्ष के सदस्यों को अपने साथ थाने ले जाकर एफआइआर दर्ज करने की कार्यवाही शुरू की।
Published on:
08 Nov 2020 10:18 pm
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