
maihar hostel
सतना. छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुविधा को लेकर लगातार शासन स्तर से निर्देश आ रहे हैं। पूरी गंभीरता बरतने को भी कहा जा रहा है। इसके बाद भी कई छात्रावास अधीक्षक मामले में गंभीरता नहीं बरत रहे। ऐसा ही मामला मैहर तहसील स्थित अजमाइन छात्रावास में सामने आया है। एसडीएम नितिन टाले द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में पाया गया कि यहां बच्चियां अंधेरे में रहने को मजबूर थीं और शौचालयों में भी विद्युत व्यवस्था नहीं थी। छात्रावास अधीक्षिका नीलम पटेल भी मौके पर नहीं मिली और बताया गया कि वे अक्सर गायब ही रहती है। मौके पर मिली जलवाहन एवं रसोइया द्वारा छात्रावासी विद्यार्थियों के लिये चावल दाल और रोटी बनाई गई थी। यहां सब्जी भी नहीं मिली। जबकि मीनू में सब्जी भी उल्लेखित होती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने कार्रवाई के लिए कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा है।
मौके पर मिली 9 छात्राएं
छात्रावास में सिर्फ 5 छात्राएं ही मिलीं। कक्षा 10वीं की छात्रा सुनीता सिंह, 9वीं की सुमन कोल, पूजा कोल, प्रीति कोल एवं वंदना सिंह। कमरों में बल्व नहीं था। अंधेरे की स्थिति थी। छात्रावास परिसर में भी अंधेरा व्याप्त था। हद तो यह थी कि बच्चों के सोने के स्थान को स्टोर रूम बना दिया गया था।
शौचालय में गंदगी
एसडीएम ने जब शौचालय का निरीक्षण किया तो पाया कि यहां गंदगी व्याप्त है। यहां भी विद्युत व्यवस्था नहीं है। छात्रावास की सभी दीवारें नमी से भरी थीं। साफ सफाई का पूरे छात्रावास में अभाव मिला। परिसर में घास फैली हुई थी। यहां शिक्षा का स्तर भी न्युन स्तर का पाया गया।
सूचना पर भी नहीं पहुंची अधीक्षिका
एसडीएम ने छात्रावास निरीक्षण में जाने के वक्त अधीक्षिका को भी सूचित करवाया था। लेकिन इसके बाद भी वे छात्रावास में नहीं पहुंची। मामले में एसडीएम ने पाया है कि छात्रावास अधीक्षिका की काम में कोई रुचि नहीं है। रात में अंदर एवं बाहर अंधेरा होने से किसी भी घटना की आशंका बनी हुई है। इस मामले को एसडीएम ने गंभीरता से लिया है।
कलेक्टर को भेजा है प्रतिवेदन
नितिन टाले, एसडीएम मैहर ने बताया कि निरीक्षण में जो भी कमियां मिली थी उनका प्रतिवेदन कलेक्टर को कार्रवाई के लिए भेजा जा चुका है। कुछ गंभीर स्तर की लापरवाही भी सामने आई हैं।
Published on:
11 Aug 2018 11:17 am
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