
Due to an NOC the thirst of Nagod can not be extinguished
सतना। गर्मी के मौसम में सालों से नागौद कस्बा पेयजल संकट से जूझता चला आ रहा है। हर गर्मी के मौसम में यहां पेयजल परिवहन की स्थिति बनती है। इसके स्थाई समाधान को लेकर मुख्यमंत्री पेयजल योजना स्वीकृत की गई। जिसमें 1.51 एमएलडी पानी 22 किलो मीटर दूर अमकुई बांध से नागौद फिल्टर प्लांट तक लाया जाएगा। इसमें नागौद से अमकुई तक जो पाइप लाइन बिछनी है उसकी अनापत्ति संबंधित विभाग द्वारा नहीं मिलने से काम नहीं बढ़ पा रहा है। हद तो यह है कि व्यापक लोक महत्व के इस मामले में मार्च माह से अधिकारी पत्र-पत्र खेल रहे हैं लेकिन अभी तक एनओसी नहीं दी जा सकी है। इसमें एक और लापरवाही एमपीआरडीसी की भी सामने आई है जिसमें वे राशि लेने के बाद भी अपनी अधीनस्थ सड़क की एनओसी तो दिये नहीं बाद में अन्य विभाग को सड़क हस्तांतरित होने पर उन्हें भी संबंधी दस्तावेज नहीं दे रहे हैं। हालांकि अब मामला कलेक्टर के संज्ञान में लाया गया है जिससे इस मामले में उम्मीद जागी है।
मिली जानकारी के अनुसार नागौद नगरीय क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत अमकुई बांध से नागौद फिल्टर प्लांट तक रॉ वाटर लाने की योजना को स्वीकृति दी गई। इसमें 300 एमएम की राइजिंग पाइप लाइन से लगभग 22 किलोमीटर दूरी तक 1.51 एमएलडी पानी पहुंचाया जाना है। इसमें अमकुई से नागौद की दूरी 18 किलोमीटर है। इसमें से 18 किलोमीटर का हिस्सा एमपीआरडीसी के हिस्से में आता था। जहां से पाइप लाइन बिछाने के लिए अनापत्ति प्राप्त करने नगर पालिका नागौद ने अप्रैल 2018 में 1,19,000 रुपये प्रबंध संचालक एमपीआरडीसी को जमा कर दिए थे। लेकिन एक साल पहले राशि प्राप्त करने के बाद भी एमपीआरडीसी ने अपनी एनओसी प्रदान नहीं की।
अब मामला एनएच में अटका
बताया गया है कि अप्रैल 2018 में राशि जमा करने के बाद भी एनओसी नहीं मिलने पर पर सीएमओ नागौद ने जनवरी माह में एमपीआरडीसी को फिर से एनओसी के लिये पत्र लिखा लेकिन उसके बाद भी कोई एनओसी नहीं मिली। इसके बाद यह जानकारी सामने आई कि यह रोड नेशनल हाइवे सागर को हस्तांतरित हो चुकी है। जिस पर मार्च माह में में सीएमओ नागौद ने एमपीआरडीसी को फिर से पत्राचार कर संबंधित दस्तावेज नेशनल हाइवे सागर को भेजने कहा लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एनएच ने भी साधी चुप्पी
इधर नागौद सीएमओ ने नेशनल हाइवे सागर को सड़क हस्तांतरित होने के बाद कार्यपालन यंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सागर को पत्र लिखा। लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं आया न ही एनओसी प्राप्त हुई।
प्रभावित हो रहा काम
एनओसी नहीं मिलने के कारण नागौद कस्बे की प्यास बुझाने वाली अति महत्वाकांक्षी परियोजना का काम ठप पड़ा हुआ है। समन्वय के अभाव में अभी तक अटकी एनओसी नहीं मिलने से परेशान सीएमओ ने अब जाकर मामला कलेक्टर के संज्ञान में लाया है। हालांकि वे पहले भी इस मामले को कलेक्टर के संज्ञान में ला सकते थे। बहरहाल माना जा रहा है कि अब उच्च स्तरीय बातचीत के बाद जल्द ही एनओसी प्राप्त हो सकती है।
Published on:
19 May 2019 11:23 pm
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