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BJP के पूर्व विधायक फरार, 10 साल से वारंट लिए घूम रही MP पुलिस

सत्ता का दबाव: पूर्व विधायक सुरेंद्र के साथ इसी अपराध में तिघरा पंचायत के वर्तमान सरपंच राम प्रकाश कुशवाहा को भी आरोपी बनाया गया था।
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सतना

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Suresh Mishra

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Updated: 27 Dec 2017, 11:55 AM IST

EX BJP MLA Surendra Singh Gaharwar

EX BJP MLA Surendra Singh Gaharwar

धीरेंद्र गुप्ता सतना। भाजपा से विधायक रहते हुए चोरी से जुड़े एक अपराध में आरोपी बनाए गए सुरेंद्र सिंह गहरवार को सभापुर थाना पुलिस सात साल से तलाश रही है। पहले तो वर्तमान विधायक की गिरफ्तारी से पुलिस डरती रही और अब जब कोर्ट ने स्थाई वारंट जारी कर तामील कराने के आदेश दिए तो फिर से पुलिस को पसीना छूटने लगा।

अब हालात कुछ एेसे हैं कि स्थाई वारंट को थाना की फाइल में दबा कर रख लिया गया है। पूर्व विधायक सुरेंद्र के साथ इसी अपराध में तिघरा पंचायत के वर्तमान सरपंच राम प्रकाश कुशवाहा को भी आरोपी बनाया गया था। लेकिन, सत्ता के दबाव में गिरफ्तारी नहीं की जा सकी।

यह आरोपी थे नामजद
सभापुर थाना के प्रकरण क्रमांक 1126/10 में फरियादी अवध शरण मिश्रा निवासी तिघरा की रिपोर्ट पर आईपीसी की धारा 457, 447, 379 के अपराध में सुरेंद्र सिंह गहरवार पुत्र जगन्नाथ सिंह निवासी हिनौता, जवाहर काछी, कामता, कुसमा देवी कोल, राजकिशोर गौतम, तिघरा पंचायत के वर्तमान सरपंच राम प्रकाश कुशवाहा, घुराई समेत अन्य व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था।

निर्माण सामग्री खुर्द-बुर्द

सूत्रों का कहना है कि मामले के फरियादी की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है। तिघरा में स्कूल निर्माण से संबंधित कार्य किया जाना था। जिसमें जमीन कब्जे को लेकर तोडफ़ोड़ करते हुए निर्माण सामग्री खुर्द-बुर्द कर दी गई थी। इसी प्रकरण में पूर्व विधायक सहित अन्य आरोपी बनाए गए थे।

कैंसिल करा लिया होगा
थाना पुलिस भी मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। थाना के बड़े अफसर कह रहे हैं कि पूर्व विधायक ने शायद वारंट कैंसिल करा लिया। लेकिन, इसकी सूचना थाना में नहीं आई। अगर वारंट कैंसिल हुआ तो फिर 14 नवंबर को अदालत ने फिर से कैसे जारी कर दिया गया। पुलिस के गोलमोल जवाब से अब पुलिस की भूमिका संदिग्ध होती जा रही है।

वारंट लेने को कोई तैयार नहीं
अदालत से पूर्व विधायक का स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद थाना सभापुर पहुंचा है। लेकिन, हालात कुछ एेसे हैं कि थाना स्टाफ वारंट तामील कराने के लिए लेने से हिचक रहा है। अदने स्टाफ की बात तो दूर खुद थाना प्रभारी 14 नवंबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मंजुल सिंह की अदालत से जारी वारंट को सहेज कर रखे हैं। परिचितों से पूर्व विधायक और वर्तमान सरपंच को खबर भेजी जा रही है, लेकिन पुलिस खुद गिरफ्तारी की हिम्मत नहीं जुटा पा रही।

हाल में पकड़े दो आरोपी
सभापुर थाना पुलिस 10 साल पुराने इस प्रकरण में कमजोर लोगों पर निशाना साधते हुए गिरफ्तारी में जुटी है। ताकि आला अफसरों को अदालत को जवाब देने में आसानी रहे। वर्ष 2010 में दर्ज हुए आईपीसी की धारा 457, 447, 379 के अपराध में आरोपी राम खेलावन चौधरी पुत्र गाजेश्वर चौधरी (49) निवासी तिघरा को 9 दिसंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसी प्रकरण में आरोपी लल्ली पुत्र राम नारायण उरमलिया (48) निवासी हिनौता को भी 12 दिसंबर को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। दोनों ही आरोपी घटना के बाद से फरार बताए गए थे।

स्कूल निर्माण के लिए शासकीय जमीन पर कब्जे का विवाद था। जिसे कलेक्टर की मौजूदगी में सुलझा दिया था। अपराध कब कायम हुआ इस बारे में जानकारी नहीं है। अब तक कोई सम्मन भी नहीं आया जिससे अदालत में चल रहे प्रकरण का पता चलता। एकात्म यात्रा के बाद अपने अधिवक्ता से इस प्रकरण में जानकारी लेंगे।
सुरेन्द्र सिंह गहरवार, पूर्व विधायक

अदालत से जारी वारंट तामील कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कल्याणी पाल, टीआई, थाना सभापुर