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फलाहारी बाबा का MP के इस जिले से जुड़ा कनेक्शन, बाबा ने की थी कुटिया पवित्र

बिलासपुर में बाबा पर दुराचार का आरोप लगाने वाली युवती सतना जिले की मूल निवासी

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falahari baba latest news in satna madhya pradesh

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भरतभूषण श्रीवास्तव @ सतना। राजस्थान के अलवर में दुराचार के आरोप में जेल की हवा खा रहे फलाहारी बाबा के कनेक्शन सतना से जुड़ चुके हैं। चित्रकूट में बाबा का सेवाधाम आश्रम है तो दुराचार का आरोप लगाने वाली युवती मूल रूप से मैहर की निवासी है। यहां से 12 किमी दूर एक गांव में युवती का पुश्तैनी मकान है।

बाबा उसके गांव में ६ माह पूर्व अप्रैल में आया था और दो दिन रुका था। इस दौरान प्रवचन सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिसे बाबा ने 'कुटिया पवित्रÓ नाम दिया।

बाबा फलाहारी के हाथों गृह प्रवेश

दरअसल, युवती के पिता ने गांव में नया मकान बनवाया था। गृह प्रवेश करने से पहले उन्होंने बाबा फलाहारी के हाथों उद्घाटन कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए वे स्वयं परिवार के साथ बाबा के आश्रम अलवर पहुंचे थे। परिवार के आमंत्रण पर बाबा २७ अप्रैल को मैहर पहुंचे। गांव पहुंचने से पहले करीब ६ ग्राम पंचायतों में बाबा का स्वागत किया गया था। उसके बाद विधि-विधान से फलाहारी बाबा ने घर का उद्घाटन किया था।

वृहद स्तर पर स्वागत

बतौर ग्रामीण, बाबा जब मैहर पहुंचा था तो वृहद स्तर पर स्वागत किया गया था। मैहर से लेकर झांझ-गुरैय्या तक जगह-जगह उसकी अगुवाई की गई थी। दो ग्राम पंचायत के सरपंच भी बाबा के स्वागत में शामिल थे। सोनवारी, डेल्हा, सरलानगर, भदनपुर, बराखुर्द, झांझ-गुरैय्या, झांझबरी तक अनवरत स्वागत का दौर चला था।

कौन है फलाहारी बाबा
फलाहारी बाबा का पूरा नाम जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज है। ये रामानुज संप्रदाय से साधु माने जाते हैं। अलवर में इनका व्यंकटेश दिव्य बालाजीधाम आश्रम है। वहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है। फलाहारी बाबा अलवर में गोशाला भी चलाते हैं। कुंभ में शिविर लगाते हैं और संस्कृत के जानकार माने जाते हैं। अभी कुछ समय पहले इन्होंने आश्रम में श्रीव्यंकटेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की थी। इसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालु और विशिष्ठ लोग आए थे।

ऐसे बिलासपुर पहुंचा परिवार
कुछ ग्रामीणों ने बताया, युवती के पिता करीब २० साल पहले गांव में ही परिवार साथ रहते थे। उस दौरान परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। लिहाजा, वे निजी नौकरी करते थे। इसी नौकरी के दौरान उन्हें ठेके का एक काम मिल गया। ठेके लेते लेते वे बिलासपुर की ओर पहुंच गए, जहां बाद में पूरा परिवार शिफ्ट कर लिया।

यह है मामला
राजस्थान के अलवर के संत कौशलेंद्र फलाहारी महाराज पर बिलासपुर की एक युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया। उसने बिलासपुर महिला थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई। इस पर बाबा को गत शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोप लगाने वाली युवती मूल रूप से मैहर के पास स्थित एक गांव की रहने वाली है।