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एमपी के किसानों का पैसा दूसरे राज्यों में हुआ ट्रांसफर, आप भी चेक करें अपना खाता

किसानों के खाते में नहीं पहुंच रही, अब गलत खाते से राशि वापस मंगाने की कवायद शुरू कार्रवाई...>

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सतना

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Manish Geete

Jun 16, 2022

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Farmers who innovate in agriculture will be rewarded

सतना। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के भुगतान की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन की गई है। संबंधित किसान के आधार से लिंक खाते पर अपने आप किसान की विक्रय की गई फसल का भुगतान हो रहा है। लेकिन इसमें एक ऐसी समस्या भी सामने आ रही है कि अगर किसान ने दो तीन खाते लिंक कर रखे हैं और उसमें से कोई खाता अब प्रयोग में नहीं है तो साफ्टवेयर कई बार इन खातों को अपने आप पर चयन करते हुए उसमें राशि डाल देता है। जिससे किसानों को परेशान होना पड़ता है। गलत खाते में भुगतान से जिले के कई किसान परेशान हैं।

मिली जानकारी के अनुसार सेवा सहकारी समिति कोठरा के किसान देव नंद पाण्डेय की विक्रित फसल का मूल्य 45,337 रुपए बना। इनका सही खाता नंबर 2187****438 है, लेकिन इनका भुगतान खाता नंबर 5909****245 में हो गया। इसी तरह से सेवा सहकारी समिति संगीता महिला स्व सहा. समूह टिकुरी देवरा के संजय सिंह की विक्रित फसल का मूल्य 60,450 रुपए है। इनका भी भुगतान गलत खाते में हो गया। अन्य किसान जिनकी विक्रित फसल की राशि का भुगतान गलत खातों में हुआ है, उनमें सेवा सहकारी समिति कोठरा के राम प्रकाश पाण्डेय, स्टील सायलो मौहारी नागौद के किसान मनीष बागरी और सेवा सहकारी समिति कुलगढ़ी के किसान धीरेन्द्र सिंह हैं।

दूसरे राज्य के खाते में चला गया भुगतान

दो मामले ऐसे आए हैं जिनकी उपज का भुगतान दूसरे राज्य के खातों में हो गया है। इसमें पाया गया है कि संबंधित व्यक्ति पहले मुंबई में रहता था। उस वक्त उन्होंने अपना खाता वहां के बैंक में लिंक कराया था। अब वह सतना आ गया है। उसका चालू लिंक खाता अलग है। मुंबई का खाता उपयोग में नहीं है लेकिन राशि उस लिंक खाते में पहुंच गई। हालांकि, बताया गया है कि राज्य स्तर से इस पर सुधार करके यह राशि वापस मंगा ली गई है। अब सही खाते में डालने की प्रक्रिया चल रही है।

कई खाते कराए होल्ड

बताया गया, कुछ अन्य खाते हैं जो प्रदेश के हैं लेकिन वे किसान के द्वारा प्रयोग नहीं किए जा रहे हैं। किसान के खाते में राशि नहीं पहुंचने पर जब किसानों ने बताया तो इन खातों की होल्ड कर दिया गया है। अब नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से एलडीएम को पत्र लिख कर राशि वापसी की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। यह राशि अब नान के खाते में आएगी। जहां से किसान के सही खाते में भुगतान किया जाएगा।