
Farmers selling wheat in Mandi will also get 160 rupees bonus
सतना. गेहूं बिक्री के लिए खरीद केंद्रों में रतजगा कर रहे किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब मंडियों में भी गेहूं बेचने वाले पंजीकृत किसानों को 160 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस का भुगतान किया जाएगा। शासन ने किसानों की सुविधा को देखते हुए मंडी प्रशासन को पंजीकृत किसानों के दस्तावेज एकत्र कर बोनस भुगतान के लिए ऑनलाइन एंट्री के आदेश जारी कर दिए हैं।
एेसे किसान जिन्होंने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया था, उन्हें मंडी में गेहूं बेचने पर बोनस की राशि दी जाएगी। इसके लिए किसानों को पंजीयन नंबर, बैंक खाता नंबर, बिक्री का अनुबंध पत्र व आधार कार्ड की प्रति मंडी कार्यालय में पंजीयन के लिए जमा करानी होगी।
असमंजस में किसान
जिले के 89 खरीद केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद प्रारंभ है, जो 25 मई तक की जाएगी। खरीद केन्द्रों में गेहं बेचने वाले किसानों को जो तौल पर्ची दी जा रही है, उसमें 1840 रुपए प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य की कुल भुगतान की जाने वाली राशि दर्ज है, लेकिन पर्ची में केन्द्रीय बोनस एवं राज्य बोनस के कॉलम में कुछ भी अंकित नहीं किया गया। बीते साल किसानों की तौल पर्ची में समर्थन मूल्य के साथ मिलने वाली बोनस की राशि भी दर्ज की गई थी। इस साल बोनस का कॉलम खाली होने के कारण इसके भुगतान को लेकर किसान असमंजस में हैं।
मंडी में बढ़ी आवक
नई फसल आने से गेहूं की आवक बढ़ गई है। मंडी में फ्लोर मिल गेहूं के दाम 1600 से 1800 रुपए प्रति क्विंटल तक बोले जा रहे हैं, जबकि गेहूं का समर्थन मूल्य 1840 रुपए निर्धारित है। सरकार द्वारा मंडी में अनाज बेचने वाले किसानों को 160 रुपए प्रति क्ंिवटल बोनस के आदेश से खरीद केन्द्र और मंडी में अनाज बिक्री से मिलने वाली राशि में अधिक अंतर नहीं रह गया। इससे खरीद केन्द्रों के मुकाबले मंडियों में अनाज की आवक बढऩे का अनुमान है।
Published on:
27 Apr 2019 08:05 am
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