
नगर निगम कमिश्नर को बस में धकेलकर ले गए पुलिस कर्मी।
सतना। शानोशौकत से रहनेवाले करोड़पति अफसर को अब जेल में रहना होगा। सोने का कछुआ और 50 लाख की रिश्वतखोरी मामले में कोर्ट ने तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर सुरेन्द्र कुमार कथूरिया को 5 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। प्रदेश का यह चर्चित मामला 2017 का है। इसमें नगर निगम कमिश्नर ने भरहुत नगर स्थित डॉक्टर दंपती के अवैध निर्माण और मकान को जमींदोज होने से बचाने के बदले में 50 लाख की घूस मांगी थी।
स्पेशल कोर्ट ने आरोपी कथूरिया को 5 वर्ष की सजा सुनाई। कथूरिया मूल रूप से जांजगीर के रहने वाले हैं। मामले में राज्य की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी॒ फख्रूददीन ने की। अभियोजन प्रवक्ता हरिकृष्ण त्रिपाठी ने बताया कि 20 जून 2017 को शिकायतकर्ता डॉ. राजकुमार अग्रवाल सिटी हॉस्पिटल ने लोकायुक्त एसपी रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि निगम आयुक्त कथूरिया 50 लाख की रिश्वत मांग रहे हैं। जांच में आरोप सही पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने 25 जून को कमिश्नर बंगले में दबिश देकर आरोपी को पकड़ा था।
सोने का कछुआ लेते पकड़ा
आरोपी कमिश्नर कथूरिया जम्मू.कश्मीर की यात्रा पर थे लेकिन रिश्वत लेने के लिए दो दिन पहले ही छुट्टी से लौट आए थे। सुबह सतना आने के कुछ देर बाद डॉक्टर दंपती को फोन कर सिविल लाइन स्थित कमिश्नर बंगला बुलाया था। आरोपी कथूरिया ने नकद के साथ ही सोने के फेंगशुई कछुआ की मांग की थी। रिश्वत में देने॒ के लिए डॉ. अग्रवाल 12 लाख रुपए एवं गोल्ड प्लेटेड सिल्वर लोकायुक्त कार्यालय लेकर आया और उस पर केमिकल लगा कर डॉक्टर अग्रवाल को दिया गया। टीम ने आरोपी को पकड़कर सीधेे जेल भेज दिया था।
Published on:
04 Jul 2023 01:14 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
