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खौलते पानी से प्यास बुझाने की मजबूरी

थानों के वाटर कूलर से निकल रहा खौलता पानी, गर्मी में गरम पानी से प्यास बुझाने की मजबूरी, फरयिादी और पुलिस के लिए आफत

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Frying of water with thirsty water

Frying of water with thirsty water

सतना. अगर आप पुलिस थाने में किसी काम से गए हैं और प्यास लगने पर वाटर कूलर की ओर कदम बढ़ाते हैं तो रुक जाएं। यहां गर्मी में ठण्डी राहत नहीं मिलेगी। बल्कि खौलता पानी ही आपकी किस्मत में होगा। थानों में लगे वाटर कूलर सरकारी खर्चे से नहीं बल्कि जनभागीदारी से लगाए गए हैं। इसके बाद भी दो चार सौ रुपए इनके मेंटीनेंस में खर्च करना थाना प्रभारियों को भारी पड़ रहा है। रही बात थाने में मौजूद पुलिस स्टॉफ की तो वह अपने लिए ठण्डे पानी के जार फैक्ट्री वालों से मंगा लेते हैं। लेकिन जार का पानी आमजन के लिए उपलब्ध नहीं होता। यही वजह है कि बाहरी लोगों को मजबूरी में खौलते पानी से ही कंठ गीले करना पड़ रहा है।

मेंटीनेंस से ज्यादा जार का खर्च

शहर और कस्बाइ इलाके के थानों में हर रोज दो से तीन जार ठण्डे पानी के मंगाए जाते हैं। एक जार की बाजार में कीमत 40 रुपए है। इस हिसाब से एक महीने में करीब साढ़े ३ हजार रुपए का पानी थाने का स्टॉफ पी जाता है। अगर सिर्फ एक महीने के इस खर्च की राशि वाटर कूलर के मेंटीनेंस में लगा दी जाए तो थाने और बाहर से आने वालों को शुद्ध और ठण्डा पानी आसानी से मिल सकता है।

बाहर लगा है वाटर कूलर

थाने में आने वाले लोगों को प्यास लगने पर बाहर लगे वाटर कूलर का रास्ता दिखा दिया जाता है। जबकि मालूम सभी को है कि वाटर कूलर के गरम पानी से किसी की प्यास बुझने वाली नहीं है। अपने जार का ठण्डा पानी इसलिए भी आम लोगों को थाने का स्टॉफ नहीं पिलाता कि अगर पानी कम पड़ गया तो उनके लिए व्यवस्था करने वाला कोई नहीं है। थानेदार ने जितने जार की अनुमति दी है उतने ही जार अपने समय पर आते हैं।

पुलिस लाइन 10 रुपए जार

जिला पुलिस बल ने अपने स्टॉफ को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए पुलिस लाइन में आरओ मशीन और वाटर कूलर लगाया है। पुलिस के आला अफसरों ने इस मकसद से यह प्रयोग किया है कि पुलिस विभाग के कार्यालय और शहर के थानों में पानी की सप्लाइ के साथ बाहरी लोगों को शुद्ध ठण्डा पानी मिल सके। इसके पीछे आमदनी भी एक वजह है। यहां एक जार पानी पुलिस विभाग के कर्मचारी अधिकारी को 10 रुपए में दिया जाता है। जबकि बाहरी लोगों के लिए एक जार ठण्डे पानी की कीमत 15 रुपए है। मौजूदा समय में पुलिस लाइन के ही कुछ कार्यालय में यहां का पानी जाता है। हर रोज करीब 10 जार पानी ही पुलिस लाइन से निकल रहा है। अगर थानों में भी यहां से पानी जाने लगे तो आरओ लगाने का मकसद पूरा हो सकेगा। यहां कमी सिर्फ इतनी है कि पानी लेने खुद आना पड़ेगा। सप्लाइ कराने का सिस्टम फिलहाल नहीं बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रयोग सफल होने पर सप्लाइ कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा। लेकिन प्रथमिक स्टेज पर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ही यहां से पानी लेने में परहेज कर रहे हैं।

वर्जन...

गर्मी में ठण्डा पानी सभी की जरूरत है। जहां वाटर कूलर लगे हैं उन्हें सहीह कराया जाएगा। पुलिस लाइन से आरओ वाटर की सप्लाइ बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।

रियाज इकबाल, एसपी