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Hindi Diwas: हिंग्लिश के चक्कर में हिन्दी भूल रहे युवा, 60 फीसदी नहीं जानते अपनी राष्ट्र भाषा

हिन्दी दिवस: हिंग्लिश के चक्कर में हिन्दी भूल रहे युवा, 60 फीसदी नहीं जानते अपनी राष्ट्र भाषा
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सतना

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Suresh Mishra

•

Updated: 14 Sep 2018, 3:38 PM IST

Hindi Diwas: short essay on hindi diwas in hindi language

Hindi Diwas: short essay on hindi diwas in hindi language

सतना। 14 सितंबर यानी आज, हिन्दी दिवस है। हिन्दी यानी हमारी मातृभाषा। उन्नति के पथ पर अग्रसर युवा अपनी पहचान कायम करने के लिए जी तोड़ मेहनत में जुटा हुआ है। अंग्रेजी, हिंग्लिश जैसी भाषा के सहयोग से वह सफलता के शिखर पर पहुंच तो जाता है लेकिन इन सबके बीच वह अपनी बोलचाल की भाषा से कटता जाता है। ऐसे में आगे आने वाली पीढ़ी भी अपनी बोलचाल की भाषा से कटती जाती है।

हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य पर पत्रिका ने आज की पीढ़ी से कुछ सवालों के जवाब चाहे तो एक कड़वा सच सामने आया। 60 फीसदी से ज्यादा युवाओं को हिन्दी दिवस के बारे में जानकारी नहीं थी, ऐसे में लिपि या व्याकरण की जानकारी की उम्मीद नहीं।

युवा भूलने लगे अपनी राष्ट्र भाषा
अंग्रेजी भाषा का खुमार युवाओं पर कुछ इस तरह चढ़ाता जा रहा कि वे अपनी राष्ट्र भाषा को भूलने लगे हैं। हिन्दी के स्थान पर हिंग्लिश का प्रयोग चलन में है। हालात यह हैं कि शहर के 30 फीसदी युवाओं को हिन्दी भाषा की लिपि और 80 फीसदी को हिन्दी दिवस मनाने की जानकारी ही नहीं है। यह तथ्य पत्रिका द्वारा किए गए सर्वे में सामने आए। शहर के विभिन्न स्थानों में किए गए सर्व में 15 से 25वर्ष आयु वाले 100 युवक-युवतियों से सवाल पूछे गए थे।

हिन्दी में हो कामकाज
हिन्दी के बारे में भले ही युवा ज्यादा जानकारी नहीं रखते हों पर हिन्दी में सरकारी कामकाज चाहते हैं। युवाओं का कहना है कि सरकारी कामकाज में हिन्दी भाषा का प्रयोग करना चाहिए। मल्टीनेशनल कंपनियों में भी हिन्दी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अंग्रेजी कहीं न कहीं कॅरियर में बाधा बन रही है।

इसलिए मनाते हैं हिन्दी दिवस
14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा में विचार-विमर्श के बाद संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी का चुनाव किया गया। इसलिए इस दिन को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

ये हैं खास
- देश में 23 भाषाएं और लगभग 1652 बोलियां बोली जाती हैं।
- स्वतंत्रता के बाद राजभाषा को लेकर लम्बे समय तक विचार-विमर्श हुआ। इसमें हिन्दी और तमिल भाषा प्रमुख थी।
- हिन्दी के लिए ज्यादा वोट मिले फिर सर्वसम्मति से हिन्दी को राजभाषा बनाया।
- राजभाषा का सामान्य अर्थ राजकाज की भाषा है।
- भारतीय संविधान के अंतर्गत गवर्नर सी राजगोपालचारी ने राष्ट्रभाषा के समानांतर राजभाषा का सबसे पहले प्रयोग किया।

करो अपनी भाषा पर प्यार
करो अपनी भाषा पर प्यार।
जिसके बिना मूक रहते तुम, रुकते सब व्यवहार।।
जिसमें पुत्र पिता कहता है, पतनी प्राणाधार,
और प्रकट करते हो जिसमें तुम निज निखिल विचार।
बढ़ायो बस उसका विस्तार।
करो अपनी भाषा पर प्यार।।
भाषा बिना व्यर्थ ही जाता ईश्वरीय भी ज्ञान,
सब दानों से बहुत बड़ा है ईश्वर का यह दान।
असंख्यक हैं इसके उपकार।
करो अपनी भाषा पर प्यार।।
यही पूर्वजों का देती है तुमको ज्ञान-प्रसाद,
और तुमहारा भी भविष्य को देगी शुभ संवाद।
बनाओ इसे गले का हार।
करो अपनी भाषा पर प्यार।।
-मैथिली शरण गुप्त

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