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एक साथ चार लोगों की जान लेने वाले दो ट्रकों को पुलिस ने पकड़ा, ड्राइवरों से पूछताछ जारी

घुंघचिहाई गांव में पसरा रहा मातम: आज गृहग्राम में होगा मृतकों का अंतिम संस्कार

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सतना

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Suresh Mishra

Oct 19, 2018

horrific road accident in four Death of satna madhya pradesh

horrific road accident in four Death of satna madhya pradesh

सतना। शहर की सड़कों पर बेलगाम रफ्तार से भागते हुए चार मासूमों की जान लेने के संदेह में पुलिस ने दो ट्रक पकड़े हैं। दोनों ट्रकों के ड्राइवर भी पूछताछ के लिए पुलिस की हिरासत में लिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए ट्रक जौनपुर उत्तर प्रदेश के हैं। जबकि दोनों ट्रकों के ड्राइवर रायबरेली के बताए जा रहे हैं। मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद कोलगवां थाना टीआइ आरपी सिंह आरोपी ट्रक की तलाश में निकले थे। इनके साथ उपनिरीक्षक आरपी त्रिपाठी और बाबूपुर चौकी प्रभारी हीरालाल मिश्रा, आरक्षक अजीत सिंह, पुर्णेश पाण्डेय सहित अन्य लोग थे।

बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात तकरीबन साढ़े 12 बजे आरपी सिंह के नेतृत्व वाली इस टीम को सफलता मिली। दोनों ट्रक रीवा जिले में स्थित जेपी सीमेंट प्लांट से सीमेंट लोड कर लौट रहे थे, तभी इनको पुलिस पार्टी ने पकड़ लिया। दरअसल घटना के बाद पुलिस ने उस रोड के सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखनी शुरू की थी। एक पेट्रोल पंप के कैमरे में दिखाई दिया था कि 4.41 बजे पयासी परिवार के लोग सड़क पर निकले और 4.46 बजे दो ट्रक उनके पीछे लगे। दो ट्रक पकड़े हैं और ड्राइवरों को हिरासत में लिया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि सीएसपी वीडी पाण्डेय ने की है।

बेटों का इंतजार
दुर्घटना में मां चुन्नी पत्नी रेणु और दो संतानों शुभी व शिवराज को खोने वाले धर्मेन्द्र पयासी भारतीय सेना में हैं। 17 अक्टूबर को जब यहां यह हादसा हुआ तब वो म्यांमार बॉर्डर पर तैनात थे। सूचना पर वे दोपहर करीब 2 बजे दीमापुर नगालैंड के लिए रवाना हुए। गुरुवार सुबह 5 बजे वे दीमापुर पहुंच गए। वहां से वे ट्रेन से गुवाहाटी को रवाना हुए। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वे वायुयान से गुवाहाटी से पटना के लिए निकलकर रात 8 बजे तक पटना और वहां से ट्रेन से इलाहाबाद होते हुए मध्यरात्रि तक बदखर आएंगे। पारिवारिक सदस्य प्रदीप पाण्डेय ने बताया कि धर्मेन्द्र के छोटे भाई रावेन्द्र पयासी बीएसएफ में है वे गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। वहां से वे भी भाई के साथ सतना आएंगे। यहां से कल 19 अक्टूबर को सभी गृहग्राम घुंघचिहाई के लिए प्रस्थान करेंगे, वहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।

घायलों की हालत नाजुक
सड़क हादसे में दिवंगत एक ही परिवार के 4 सदस्यों का अंतिम संस्कार शुक्रवार 19 अक्टूबर को गृहग्राम घुंघचिहाई में किया जाएगा। शोकाकुल परिजन इसके लिए शुक्रवार की सुबह 8 से 9 बजे के बीच बदखर से प्रस्थान करेंगे। गौरतलब है कि बुधवार सुबह करीब पौने 5 बजे कोलगवां थाना क्षेत्र की बाबूपुर पुलिस चौकी अंतर्गत बदखर में एक ट्रक की चपेट में आकर एक परिवार के 4 सदस्यों की मौत हो गई थी। 65 वर्षीय चुन्नी पयासी पत्नी राजेन्द्र पयासी, रेणु पयासी (30) पत्नी धर्मेन्द्र पयासी एवं शिवराज पयासी (6) पुत्र धर्मेन्द्र पयासी की घटनास्थल पर मौत हो गई थी। जबकि शुभी पयासी पुत्री धर्मेन्द्र पयासी (8) को जिला अस्पताल में मृत घोषित किया था।

घायलों की स्थिति अब भी चिंताजनक

दुर्घटना में गीता शुक्ला (45) पत्नी सुनील शुक्ला एवं पलक शुक्ला (13) पुत्री सुनील शुक्ला घायल हुए थे। घायलों की स्थिति अब भी चिंताजनक बताई जा रही है। दो ट्रक आपस में आगे निकलने की होड़ में थे तभी एक ट्रक ने सड़क किनारे पैदल चल रहे इन लोगों को रौंद दिया। ये सभी लोग गांव के देवी जी मंदिर जा रहे थे। घटना के बाद आरोपी ट्रक चालक ट्रक सहित फरार हो गए थे। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर ने उनकी गिरफ्तारी पर तत्काल प्रभाव से 10 हजार का इनाम घोषित किया है।

ये है राजेंद्र पयासी का परिवार
घुंघचिहाई थाना रामपुर बाघेलान के राजेन्द्र पयासी लगभग 10 वर्षों से बदखर में बोनांजा स्कूल के पास निजी भवन में निवासरत हैं। इनकी 4 संतानें हैं। बड़ी पुत्री संध्या पाण्डेय का विवाह टिकुरिया टोला सतना में रहने वाले प्रदीप पाण्डेय के साथ हुआ। प्रदीप पाण्डेय नगर निगम सतना की पीएचई शाखा में हैं। एक बेटी रेखा का विवाह सुधीर के साथ हुआ है, ससुराल कोतमा में है। धर्मेन्द्र का विवाह रेणु के साथ हुआ, जो रीवा के सेमरिया की थीं। रावेन्द्र की ससुराल पहाड़ी खेरा पन्ना में है। घटना के वक्त रावेन्द्र का परिवार वहीं था। सभी रिश्तेदार यहां आ चुके हैं केवल धर्मेन्द्र और रावेन्द्र के आने का इंतजार है।

मायका पक्ष पहुंचा
धर्मेन्द्र पयासी की पत्नी रेणु के पिता रामबली शर्मा, मां उर्मिला शर्मा राजनगर मनेन्द्रगढ़ से सतना पहुंच गए। मामा ब्रजकिशोर शर्मा कोतमा से यहां पहुंचे हैं। रेणु के भाई राहुल शर्मा दिल्ली से एवं रूपेन्द्र शर्मा बिलासपुर से यहां पहुंच चुके हैं। रेणु की बहन भानुप्रिया शर्मा भी बिलासपुर से सतना आ चुकी हैं। इसी तरह धर्मेन्द्र की मां चुन्नी पयासी के मायके पक्ष के लोग भी स्लीमनाबाद कटनी से यहां आ चुके हैं।