इधर, फोरलेन प्रभावितों को बांटे दिए फर्जी पट्टे
राष्ट्रीय राजमार्ग सात के चौड़ीकरण में सड़क के किनारे बसे ग्रामीण जो भूमिहीन थे उनके मकान बनाने के लिए शासन ने आवासीय भूखंड आवंटित करने के आदेश दिए थे। जिसके चलते प्रशासन ने भूमिहीनों को भूखण्ड आवंटित करने के आदेश ग्राम पंचायत अगडाल को दिए थे। लेकिन अगडाल सरपंच द्वारा दिए गए 40 भूमिहीनों के पट्टे फर्जी बताए गए हैं। सरपंच ने उमरी की भूमि 222 रकवे में 30 बाई 30 के प्लाट रामबहोर गौतम, बिहारी विश्वकर्मा, सीताराम विश्वकर्मा, इमाम अली, सलीम खान, राज बहोर साकेत, जय लाल साकेत, महबूबा सहित 25 भूमिहीनों को पट्टे आवंटित किए थे। लेकिन पटवारी ने कहा, ये लोग बस्ती में रह रहे हैं।