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मंडियों में पसरा सन्नाटा, सात दिन में 15 करोड़ का कारोबार प्रभावित

गल्ला व्यापारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल का असर,श्रमिक बेरोजगार, लुट रहा अन्नदाता

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Indefinite strike of coal traders

गल्ला व्यापारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल

सतना। 4 सितंबर से गल्ला व्यापारियों की प्रदेशव्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते सात दिन से प्रदेश की 230 मंडियों के ताले नहीं खुले। इस हड़ताल के चलते अकेले सतना में 15 करोड़ से अधिक का गल्ला व्यापार प्रभावित हुआ है। हड़ताल के चलते सात दिन में मंडी समिति को 20 लाख रूपए के राजस्व की चपत लग चुकी है। इसका सीधा असर मंडियों की आय पर पड़ रहा है।

500 तक लुढ़के अनाज के दाम
मंडियां बंद होने के कारण बाजार में अनाज के दाम नहीं खुल रहे। ऐसे में गांव में सक्रिय गल्ला व्यापारियों ने अनाज के दाम 500 रूपए प्रति क्विंटल तक गिरा दिए हैं। इससे किसानों की मुश्किल बढ़ गई है। बारिश के बीच खाद खरीदने किसान कम दाम पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं।

मंडी बंद गोदामों में चल रही अनाज खरीदी
सात दिन से मंडी बंद होने से परेशान मंडी श्रमिकों ने व्यापारियों पर घर से दुकानदारी करने का आरोप लगाया है। श्रमिकों का कहना है कि व्यापारी मंडी बंद कर सीधे गोदाम में माल खरीद कर बाहर भेज रहे हैं। इससे उनका व्यापार प्रभावित नहीं हो रहा । मंडी बंद होने की मार श्रमिक और किसानों पर पढ़ रही है। इसलिए मंडी प्रशासन सोमवार से मंडी चालू कराए या व्यापारियों की गोदाम में छापेमारी कर अवैध रूप से की जा रही अनाज खरीदी को बंद कराए,नहीं तो इसके विरोध में मंडी श्रमिक भी आंदोलन करेगे।