
India's first Silent Deaf candidate in satna
सतना। सतना विधानसभा से चुनाव लड़ रहे मूकबधिर सुदीप शुक्ला सोमवार को पत्रिका के चुनावी अदालत में पहुंचे। वहां उन्होंने सवाल-जवाब के बीच अपना पक्ष रखा। उनका दावा है कि वे देश के पहले मूकबधिर प्रत्याशी हैं।
- जनता आप पर भरोसा करते हुए वोट क्यों दे?
सामान्य नेता चुनाव जीतने के बाद जनता से दूर हो जाते हैं। लिहाजा वे मूकबधिर से कम नहीं हैं। मैं मूकबधिर होते हुए भी जनता की आवाज बनूंगा। मैं उनसे अच्छा हूं जो सुनकर भी अनसुना कर देते हैं।
- आप सतना के लिए क्या काम करेंगे, आपका विजन क्या है?
स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी, सीमेंट इंडस्ट्री में मिनिमम वेज लागू हो, सड़कों पर गड्ढे हैं, धूल उड़ती है, लोगों की कमर टूट रही है। प्रदूषण से लोग बीमार हैं। प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हो रहे हैं। नोटबंदी से व्यापारी परेशान हैं। महिलाओं की सुरक्षा, उच्च शिक्षा के सेंटर मेरी प्राथमिकता में शामिल हैं।
- मूकबधिरों की पार्टी बनाने की घोषणा की, पर आप खुद अपना दल से लड़ रहे हैं?
ऐसा करने में तकनीकी समस्या थी, देर हो रही थी। निर्दलीय के रूप में चुनाव चिह्न १४ नवंबर के बाद अलॉट होगा। जनसंपर्क के लिए बहुत कम समय मिलता। इसलिए अपना दल के चिह्न पर चुनाव लड़ रहा हूं। यहां भी मूक बधिरों को आगे बढ़ाऊंगा।
- प्रचार में परेशानी होती है?
प्रचार के दौरान मुझे मेरी दिव्यांगता से परेशानी नहीं होती। मेरी आवाज जनता तक पहुंचाने के लिए मेरे सहयोगी हैं। मूकबधिरों की टीम भी मेरे साथ है, जो मेरी मदद कर रही है। अन्य प्रत्याशियों की अपेक्षा टीम छोटी जरूर है पर हम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंच बनाने में सफल हो रहे हैं।
- अगर हार जाते हैं, तो राजनीति से कदम वापस खींच लेंगे?
मैं हारूं या जीतूं अब राजनीति से भागने वाला नहीं। शहर के विकास के लिए हमेशा सतर्क और तैयार रहूंगा। सतना की जनता की आवाज बनने का प्रयास हमेशा करूंगा। सतना में ही स्थाई रूप से बस गया हूं, लोगों के दिल में बसना है।
Published on:
13 Nov 2018 03:59 pm
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