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अमेरिकी रिपोर्ट में ‘बदनाम’ हुआ MP का यह शहर, पढ़िए अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता की पूरी रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट 2017 में भारत की घटनाओं का लेखा-जोखा

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international religious freedom report 2018

international religious freedom report 2018

रमाशंकर शर्मा @ सतना। भारत में धार्मिक स्वतंत्रता हनन के मामलों पर पैनी नजर रख रहे अमेरिका ने 'अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट: भारत 2017' जारी कर दी है। विगत सप्ताह जारी की गई इस रिपोर्ट में पूरे देश भर में धार्मिक स्वतंत्रता हनन के मामलों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। 21 पन्ने की इस रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में 36 घटनाएं होने की जानकारी दी गई है। साथ ही इसमें सतना स्टेशन पर हुई एक घटना का पूरा ब्यौरा दिया गया है।

इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ तथा पीएम नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका के 'ब्यूरो ऑफ डेमोक्रेसी, ह्यूमन राइट्स एण्ड लेबर' की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को स्वंतत्र रूप से धर्म को मानने, अभ्यास करने और उसके प्रचार करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। साथ ही धर्म आधारित भेदभाव को प्रतिबंधित करता है।

पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में अधिक
भारत में 2017 में धार्मिक स्वतंत्रता को खंडित करने वाली घटनाओं के कई मामले सामने आए हैं, जो पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में अधिक है। रिपोर्ट में राज्यवार ऐसी घटनाओं का संख्यावार उल्लेख किया गया है। इसमें इसाइयों के खिलाफ हिंसात्मक गतिविधियों के संबंध में जो आंकड़े प्रस्तुत किये हैं, उसमें सर्वाधिक 52 मामले तमिलनाडु के हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 50, छत्तीसगढ़ में 43, मध्यप्रदेश में 36, महाराष्ट्र में 38 तथा दिल्ली में 6 मामले होना बताए गए हैं। इसी तरह से 2002 के गुजरात दंगों पर नए सिरे से 58 लोगों की जांच करने की जाकिया जाफरी के आवेदन को न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने की घटना का उल्लेख है। जिसमें जाफरी ने 50 लोगों में से तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम भी शामिल किया था।

झाबुआ के मामले में योगी का भी नाम
अमेरिका की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी उल्लेख किया है। मध्यप्रदेश में 28 मार्च 2017 को पुलिस के झाबुआ जिले से डॉ. अतीक खान को गिरफ्तार करने की घटना का जिक्र है। जिसमें अतीक के एक साधु को मांस की दुकान के सामने खड़े होने की फोटो वायरल करना आधार बताया है। पुलिस इस घटना को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बूचडख़ाने बंद करने के निर्णय पर मजाक उड़ाना माना है।

सतना में नन के खिलाफ रिपोर्ट
अमेरिका की इस रिपोर्ट में भारत में गैर हिन्दुओं के विरुद्ध हुई कुछ प्रमुख घटनाओं का ब्यौरा भी दिया है। 15 जून 2017 को सतना रेलवे स्टेशन पर हुई घटना के संबंंध में बताया है कि विश्व हिन्दू परिषद की महिला विंग मातृशक्तिकी जबरिया धर्मान्तरण की शिकायत के बाद जीआरपी ने एक कैथोलिक नन, 3 महिलाओं और 1 नाबालिग को ट्रेन से उतरने पर मजबूर किया।

नाबालिग के अपहरण का प्रकरण दर्ज

हालांकि पुलिस ने बाद में इन्हें छोड़ दिया। लेकिन बाद में नाबालिग के माता-पिता की रिपोर्ट पर सिस्टर बीना जोसेफ पर नाबालिग के अपहरण का प्रकरण दर्ज किया। इस घटना के पहले कैथोलिक डायोसिस मध्यप्रदेश के जनसंपर्क अधिकारी फादर स्टीफन पी मारिया ने इस क्षेत्र में ट्रेन द्वारा यात्रा करने वाले इसाई मिशनरियों पर रेलवे पुलिस द्वारा उत्पीडऩ का बयान दे चुके थे। सतना के अलावा भारत के कई अन्य प्रमुख घटनाएं इस रिपोर्ट में हैं।

तब देश भर में चर्चित हुआ था सतना
ईसाई समुदाय पर हिंसक हमले के मामले में दिसंबर 2017 में सतना पूरे देश में तब चर्चा में आ गया था जब सिविल लाइन थाने के सामने ईसाई समुदाय के साथ मारपीट और उनकी कार में आग लगाने की घटना हुई थी। तब भी हिन्दुवादी संगठन पर गंभीर आरोप लगे थे।