
बिना टोंटी लगाए खाली पाइप लाइन डालकर चले गए ठेकेदार
सतना. प्रदेश सरकार की ध्वजवाही योजनाओं में शामिल जल जीवन मिशन सतना जिले में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहा है। ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों का ऐसा गठजोड़ तैयार हुआ है कि योजना कागजो में तो बेहतर दिख रही है लेकिन जमीनी हालात इससे बिल्कुल इतर हैं। ज्यादातर घरों में न तो नलों की टोंटी से झर-झर पानी आ रहा है और न ही पाइप लाइन के लिये खोदी गई सड़कें वापस सुधारी गई हैं। नतीजा आए दिन हादसों का सबब बनी हुई है। बिना टोंटी के पाइप से लगातार बहता पानी गांव की गलियों को कीचड़ में तब्दील कर रहा है। योजना का ज्यादातर हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। ऐसा भी नहीं है कि इसकी शिकायतें नहीं हो रही हैं लेकिन जिम्मेदारों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
सोहावल के एक भी घर में टोंटी नहीं
जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत सोहावल के सरपंच राजा चतुर्वेदी बताते हैं कि उनके पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत 1.33 करोड़ रुपये का काम स्वीकृत हुआ था। यहां का ठेका संतोष चौरसिया को मिला था। कागजों में उसने काम पूरा कर दिया है। लेकिन हकीकत यह है कि गांव के किसी भी घर में टोंटी नहीं लगी है। न हो स्टैण्ड पोस्ट बनाए गए हैं। पूरे गांव की सड़क खोद डाली है। इसे दुरुस्त करने के लिये 68 लाख प्रावधानित थे लेकिन रेस्टोरेशन का एक भी काम नहीं हुआ। टोंटी नहीं लगने से पूरी सड़के और घरों के सामने कीचड की स्थिति बनी हुई है। खुदी सड़क में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। कलेक्टर को भी बताया गया था लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। यहां ठेकेदार के साथ विभाग के एक एसडीओ त्रिपाठी की पार्टनरशिप रही है।
रामस्थान में आधे घरों में पानी नहीं
रामस्थान में नल जल योजना पूरी होने के बाद यहां का संचालन समूह को दिया गया है। समूह की अध्यक्ष प्रेमा साकेत बतादी है कि 1.20 रुपये में काम हुआ है। कागज में 738 घरों में कनेक्शन देना बताया है। सर्वे में पाया गया कि पूरे कनेक्शन ही नहीं है। नाम रिपीट करके कनेक्शन संख्या बढ़ाई गई है। इसमें से सिर्फ 300 मे पानी आता है। शेष में बूंद भर पानी नहीं आ रहा है। जिनमें पानी आ रहा है उसमें से काफी में पूरा पानी नहीं आता है। इस वजह से गांव वालों में नाराजगी है। जब उनसे पानी का बिल लेने जाते हैं तो वे मारपीट को उतारू हो रहे है। 31 दिसंबर को इसी बात पर लेकर खुद के साथ मारपीट होने की जानकारी प्रेमा ने दी।
माधवगढ़ सहित अन्य पंचायतों में यही हाल
माधवगढ़ सरपंच शैलेन्द्र वर्मा सहित भरजुना संरपंच मान सिंह और भुमकहर सरपंच ने भी इसी तरह की समस्या बताई। कहा कि ज्यादातर जगह पर टोंटी नहीं लगी है। घरों के बाहर कनेक्शन देकर भाग गए हैं। जबकि कनेक्शन आंगन तक देना था। कोई सुनने वाला नहीं है। सड़के इनकी खुदाई के बाद चलने लायक नहीं बची हैं। इनका कहना है कि इससे बेहतर तो पहले था कि गरमी में ही समस्या होती थी। अब तो रोज समस्या से जूझ रहे हैं।
कैमा में गड्ढे में कनेक्शन
ग्राम पंचायत कैमा में तो गुणवत्ताहीन काम की अति हो गई है। यहां के ठेकेदार कालका पटेल हैं। इन्होंने सड़क के किनारे ही गड्ढे में नल का कनेक्शन दिया है। अब लोगों को गड्ढे में घुस कर पानी भरना पड़ता है। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। विभाग के लोग बताते हैं कि कालका पटेल की कार्यप्रणाली के चलते उसे ब्लैक लिस्टेड हो जाना चाहिए। लेकिन मंत्री जी का करीबी होने की वजह से उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
दावा काम सही होने का
लोग भले सड़कों पर गिर रहे हैं, घरों पर पानी नहीं आ रही है, खुली टोटियों से गांव में कीचड़ हो रहा है, आधे से ज्यादा कनेक्शन बंद पडे हैं, स्टैण्ड पोस्ट का पैसा खा लिया गया है लेकिन पीएचई के अधिकारियों की नजर में सब ठीक चल रहा है। पीएचई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 3 विकासखंड सोहावल, नागौद और मझगवां में 220 में 73 नल जल योजनाएं पूरी हो चुकी है। ईई पीएचई कहते हैं कि सब नियमानुसार काम हो रहा है।
Published on:
05 Jan 2023 10:05 am
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