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स्टाफ को सुपर फाइन चावल, बच्चों को कीड़े वाला, गर्ल्स के टॉयलेट में मेल स्वीपर की बेधड़क एंट्री

नवोदय विद्यार्थी उतरे सड़क पर: जांच में सही मिली घटिया खाना और कम पानी की शिकायत

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jawahar navodaya vidyalaya rahikwara satna

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सतना। घटिया खाना और कम पानी की शिकायत को लेकर सोमवार को नवोदय विद्यालय रहिकवारा (नागौद) के विद्यार्थियों ने रहिकवारा-नागौद सड़क पर जाम लगा दिया। रहिकवारा गांव से चार किमी दूर आवासीय विद्यालय से ये बच्चे यूनीफॉर्म में हाथ में तख्तियां लिए न्याय मांग रहे थे। सुबह 11 बजे हड़कम्प तब मच गया जब यहां 'वी वांट जस्टिस' के नारे गूंजने लगे। प्रदर्शन की जानकारी आनन-फानन में प्रशासन को दी गई।

सूचना मिलते ही एसडीएम एपी द्विवेदी और थाना प्रभारी ओपी चोंगड़े बल सहित मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने विद्यार्थियों से समस्याएं जानीं। समझाइश देकर प्रदर्शन खत्म कराया। विद्यार्थियों के बयान के बाद स्टोर की जांच की गई तो शिकायत सही मिली। इस पर प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर को भेजा जा रहा है। उधर, प्राचार्य ने सफाई दी कि टेंडर लंबित होने से खाने में थोड़ी दिक्कत हुई है। प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला।

ये है मामला
बताया गया, मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाए जाने वाले आवासीय जवाहर नवोदय विद्यालय में सोमवार को छात्रों ने यह कहते हुए खाना खाने से मनाकर दिया कि उसमें कीड़े हैं। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो छात्रों ने दफ्तियों में नारे लिखे और विद्यालय के बाहर प्रदर्शन करने लगे। इन्हें देख जूनियर विंग के छात्र बाहर आ गए। छात्राएं भी पहुंच गईं। ये सभी विद्यालय से लगभग चार किमी दूर रहिकवारा गांव की ओर रैली के रूप में निकल पड़े। प्राचार्य की मनमानी के खिलाफ नारे लगाते रहिकवारा पहुंचकर रोड पर जाम लगा दिया।

जांच में सही मिली शिकायत
बच्चों की शिकायत के बाद एसडीएम ने स्टोर की जांच की तो पाया कि यहां दो तरह का चावल रखा था। एक सुपर फाइन चावल था जो बताया गया कि स्टाफ के लिए है। दूसरा कीड़ेयुक्त घटिया चावल, जिसे बच्चों ने बताया कि यह विद्यार्थियों के लिए उपयोग किया जाता है। यह भी गड़बड़ी सामने आई कि जो खाद्यान्न मासिक तौर पर ठेकेदार से लेना चाहिए उसे कमीशन की लालच में एक साल का इकट्ठा खरीद लिया जाता है। इससे खाद्यान्न भी खराब हो जाता है। अन्य शिकायतें भी सही मिलीं।

यह बताई समस्या
बच्चों ने एसडीएम को बताया, विगत एक सप्ताह से उन्हें पूरा खाना नहीं दिया जा रहा। सिर्फ फ्राइड राइस दे रहे हैं। टैंकर से जो पानी मंगाया जा रहा है वह विद्यार्थियों की संख्या के मान से काफी कम है। इससे नहाने के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिलता। पीने का पानी लेने भी काफी दूर जाना पड़ रहा है। डोरमेट्री की हालत दिखाई, जिसमें 48 लड़के थे लेकिन पंखा सिर्फ एक ही चालू था। लड़कियों ने कहा, उनके टॉयलेट में जेंट्स स्वीपर मना करने के बाद भी प्रवेश करते हैं। इससे कई बार असहज स्थिति बन चुकी है। इसकी लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा।

पहले भी भाग चुके हैं बच्चे
विद्यालय में प्रदर्शन का मामला पहली बार सामने आया है। लेकिन इसके पहले आवासीय परिसर से विद्यार्थियों के भागने के कई मामले सामने आ चुके हैं। विगत वर्ष मामला काफी पेचीदा होने पर तत्कालीन एसडीएम दीपक वैद्य खुद मौके पर पहुंच कर कार्रवाई किए थे।

स्टाफ की अंतरकलह भी
मामले में यह भी देखने को मिला कि वहां की प्राचार्य और अन्य स्टाफ में भी अनबन है। सख्त मिजाज प्राचार्य की स्टाफ से नहीं बनती है। जिस वजह से विद्यार्थियों की नाराजगी को स्टाफ भी हवा देता नजर आया। ग्रामीण भी यहां पहुंचे और विद्यार्थियों की समस्याएं सुनकर उनके साथ खड़े हो गए।

स्टोर में दो प्रकार का चावल मिला है। पानी की कमी मिली। बच्चियों के टॉयलेट में जेंट्स स्वीपर का मामला भी सही रहा। तत्काल महिला स्वीपर की व्यवस्था के लिए कहा गया। पूरे मामले का प्रतिवेदन कलेक्टर को दिया जाएगा। आगे की कार्रवाई उनके द्वारा होगी। इसके अलावा निरीक्षण भी होंगे।
एपी द्विवेदी, एसडीएम