
court decision
सतना. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मैहर सुरेश यादव की कोर्ट ने कहा, चोरी अथवा चोरी का प्रयास करना एक सामाजिक अपराध है। न्यायालय का मत है कि दोषी को मात्र अर्थदण्ड से दण्डित करने से न्याय की मंशा पूरी नहीं होती है। कोर्ट ने बकरा चुराने के बाद मारकर खाने वाले अभियुक्त को तीन साल के कठोर करावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अभियुक्त को पांच हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया।अभियोजन की ओर से कोर्ट में सहायक अभियोजन अधिकारी नरेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा।
अभियोजन प्रवक्ता फखरुददीन ने बताया, घटना 23 मई 2014 की है। फरियादी लालचंद बढ़ई रोजाना की तरह बकरे और बकरियों को घर के एक कमरे में बंद करके सो गया। सुबह जब वह सोकर उठा तो पाया कि एक बकरा गायब है। जिसे अज्ञात चोर रात 11 से 12 के बीच चोरी कर ले गया था। जिसका रंग लाल और माथे पर टिकला था।
चुराया और मारकर खा लिया
फरियादी ने आशंका होने पर एक घर की तलाशी ली तो पता चला कि बुढ़ागर का केशकरण कोल और उसके साथी पेक्का उर्फ राजेश पटेल के साथ मिलकर चुराया और मारकर खा गए हैं। फरियादी ने मामले की शिकायत पुलिस थाना मैहर में दर्ज कराई। आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 457, 380 के तहत अपराध क्रमांक 130/14 पंजीबद्ध किया गया।
एक आरोपी फरार
विवेचना पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्यायालय ने वंशकरण कोल पिता ददुआ कोल उम्र 41 वर्ष पेशा मजदूरी निवासी बुढ़ागर थाना अमदरा के खिलाफ जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर धारा 457 के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदण्ड, धारा 380 के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया। वहीं एक आरोपी पेक्का उर्फ राजेश पटेल पिता रामकृपाल पटेल निवासी मतवारा थाना अमदरा घटना के वाद से फरार है।
Published on:
24 Apr 2019 07:03 am
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
