
इलाहाबाद हाईकोर्ट
सतना. उधारी के पैसे मांगने पर लाठी मारकर हाथ तोडऩे वाले अभियुक्त को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नागौद रुपेश कुमार साहू की अदालत ने एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अभियुक्त को एक हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया। अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी विनोद सिंह ने न्यायालय में पक्ष रखा।
अभियोजन प्रवक्ता फखरु द्दीन ने बताया, नागौद के वीरपुर गांव निवासी अध्योध्या सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी कि वह उसने राजविंद पटेल को उधार में पैसे दिए थे। 11 नवंबर 15 को उसने राजविंद से उधारी की रकम वापस लौटाने कहा तो वह मना कर दिया।
घर के सामने मारी लाठी
इसके बाद जब वह शाम को अपने घर के सामने बैठा हुआ था। तब राजविंद पटेल और सरदार पटेल लाठी लेकर पहुंचे। कहने लगे तू बड़ा पैसे वाला बन गया है, उनसे पैसे मांगता है। फरियादी ने कहा, उधार दिया हूं इसलिए वापस मांग रहा हूं। जिसके बाद राजविंद और सरदार गंदी-गंदी गालिया देने लगे। इसी दौरान सरदार पटेल ने उसे एक लाठी बाएं हाथ की कोहनी के ऊपर मार दी। जिससे उसका हाथ टूट गया। विवाद की आवाज सुनकर रामजस पटेल, भोला बरगारी और सत्येंद्र ने आकर बीच-बचाव किया। तब आरोपियों ने उसे छोड़ा।
अर्थदण्ड के व्यतिक्रम तो होगा अतिरिक्त सश्रम कारावास
फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरु की। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालाना पेश किया गया। न्यायालय ने विचारण के दौरान राजविंद पटेल पिता इंद्रपाल पटेल उम्र 41 निवासी ग्राम वीरपुर थाना नागौद को दोषमुक्त कर दिया। सरदार पटेल पिता ददन सिंह उम्र 44 निवासी ग्राम वीरपुर थाना नागौद को भादसं की धारा 325/34 के तहत जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अर्थदण्ड के व्यतिक्रम पर एक -एक माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगताने के भी आदेश दिए।
Published on:
01 May 2019 07:00 am
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