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पानी के आंदोलन में पुलिस ने नाराज किसानों पर चलवाई वाटर कैनन, ये थी मुख्य मांगें

कलेक्ट्रेट का घेराव: एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, जमकर लगे सरकार विरोधी नारे

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Kisan andolan news in satna

Kisan andolan news in satna

सतना. रामपुर बाघेलान के एक सैकड़ा से अधिक गांवों में बाणसागर का पानी पहुंचाने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को काफी संख्या में पहुंचे किसानों ने कलेक्ट्रेट घेर लिया। सभी किसान कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने अंदर प्रवेश करने लगे तो पुलिस ने मुख्य द्वार पर रोक लिया। इससे नाराज किसान बैरीकेड पर चढ़ कर अंदर जाने का प्रयास करने लगे। इसे रोकने वाटर कैनन गन चलवाई गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसान कुछ तितर बितर हुए। किसानों ने एसडीएम को अपनी १३ सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। आंदोलन किसान जनसंघर्ष समिति रामपुर बाघेलान के संयोजक व कांग्रेस नेता कमलेन्द्र सिंह कमलू के नेतृत्व में हुआ।

ये है मामला
रामपुर बाघेलान क्षेत्र के नाराज किसान पहले धवारी तिराहे पर आयोजित सभास्थल पहुंचे। यहां कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिद्धार्थ कु शवाहा ने कहा कि सरकार के छल से क्षेत्र का किसान कराह रहा है। अध्यक्षता कर रहे अभिमन्यु सिंह सज्जनुपर ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने नहर वंचित गांवो में जल्द ही बाणसागर का पानी लाकर जलसंकट का निदान न किया तो क्षेत्र का किसान उग्र आंदोलन छेड़ेगा। कमलेन्द्र सिंह ने कहा कि रामपुर बाघेलान क्षेत्र के किसानों की दुर्दशा के लिए सांसद और क्षेत्रीय मंत्री जिम्मेदार हैं।

समस्या जस की तस
पिछले चुनाव में सासंद ने छह माह के भीतर सतना-रीवा रोड बनने का आश्वासन दिया था। कहा था कि बाणसागर के पानी से दक्षिणी क्षेत्र के गांव लबालब हो जाएंगे। लेकिन क्षेत्र का दुर्भाग्य है कि स्थानीय मंत्री होने के बाद भी समस्या जस की तस है। उन्होंने कहा कि बकिया बराज के प्रभावित किसानों को पट्टा देने, ग्राम महुडऱ में 80 आवासहीन हरिजन आदिवासियों को आवास देने समेत 13 सूत्रीय समस्याओं से क्षेत्र का किसान परेशान है।

ये नेता हुए शामिल
इस अवसर पर मंडी डायरेक्टर अशोक कोल, महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला त्रिपाठी, गोरेलाल प्रजापति, किसान कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष मंयक परौहा, मण्डी डायरेक्टर गजेन्द्र सिंह, जयनारायण सिंह जाखी, राजदीप सिंह मोनू, सिद्धार्थ देव सिंह, जनपद सदस्य विभूति नारायण सिंह ने भी सभा को संबोधित किया। संचालन नीरज सिंह भाद ने किया। घोषणा वाचन नितिन श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर राजभान सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, अरविन्द सिंह, डब्बू सिंह, तेजभान पटेल, रविशंकर मिश्रा, राजेश गुप्ता, लाला उर्मलिया, श्यामलाल चौधरी, पप्पू कुशवाहा, अशोक पाण्डे, डिम्पल सिंह, शिवलाल सेन, रामजी कुशवाहा, संजय सिंह, रामलखन कोल, अमित अवस्थी, आनन्द कुशवाहा, कृष्णेन्द सिंह नैना, भूप सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

कृषकों का सम्मान
सभा के पूर्व किसान जनसंघर्ष समिति ने क्षेत्रीय किसानों का सम्मान किया। इनमें रामखेलावन पटेल, जगदीश सिंह, जगदीश प्रसाद शुक्ल, अंगद साहू, केशव सिंह त्योंधरी, भोला सिंह पटेल, दिनेष सिंह, रामकरण सिंह, रामाश्रय सिंह, शारदा निगम, रामजस तिवारी, मनोज सिंह, जगन्नाथ मल्लाह, शिवनारायण शामिल रहे।

हुई चालानी कार्रवाई
कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों को कलेक्टर से मिलने से रोक दिया गया। प्रशासन ने इसके लिए मुख्य द्वार पर बैरीकेटिंग करते हुए दमकल वाहन भी बुला लिया था। जैसे ही किसान अंदर घुसने की कोशिश करने लगे तो उन पर वाटर कैनन गन से तेज फुहारें छोड़ कर तितर-बितर किया गया। अंत में 13 सूत्रीय ज्ञापन लेकर एसडीएम ने मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। कमलेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि किसानों को सभा स्थल पर पहुंचने से रोकने के लिए उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की गई।