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जीना मुश्किल : विकास की डगर से डगमगाया सांसद का आदर्श गांव डगा

कोलडस्ट से फसल बर्बाद, चार साल में सड़कें और नालियां तक नहीं बनीं

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Life is hard in Aadarsh village

Life is hard in Aadarsh village

सिंगरौली. बैढऩ जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर बरगवां-बैढऩ मुख्य मार्ग पर है सांसद रीती पाठक का गोद लिया आदर्श गांव डगा। चार साल बाद भी यहां विकास परवान नहीं चढ़ पाया है। डगा के ग्रामीणों ने बताया कि यहां इस दौरान चार लाख की डब्ल्यूबीएम सड़क तक नहीं बन सकी। लोग कटिया से बिजली जला रहे हैं। कोलयार्ड से जीना मुश्किल है। कोलडस्ट से फसल बर्बादी को रोकने के कोई सार्थक प्रयास नहीं हो पाए। बरगवां रेलवे स्टेशन के पास बना कोलयाड लोगों के लिए नासूर बन गया। कोलयार्ड से दिनभर कोलडस्ट उड़ती है। फसलों पर कोलडस्ट बिछ जाती हैं।

सांसद ने कहा, विकास हो रहा है
सांसद रीति पाठक ने कहा कि गांव में विकास के कार्य किए जा रहे हैं। अभी कुछ कार्य लंबित हैं, जो तय समय में पूरे कर लिए जाएंगे। बिजली कनेक्शन घर-घर कराये जा रहे हैं। आदर्श गांव घोषित होने के बाद गांव के लोगों को अच्छी सड़क, जलनिकासी, बिजली व पानी, पंचायत भवन, साफ-सुथरा तालाब, स्कूल व स्वास्थ्य केन्द्र और साफ-सफाई की उम्मीद थी। इसी मकसद से सांसद ने देवसर ब्लॉक के डगा गांव को गोद लिया। चार साल बाद भी गांव की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। पांच हजार की आबादी वाले गांव के लोग आज भी उपेक्षित हैं। एक प्राथमिक विद्यालय है। उपस्वास्थ्य केन्द्र है, जिसमें एएनएम के भरोसे ही इलाज है।

गांव में विकास के कार्य किए जा रहे
सांसद रीती पाठक ने कहा कि आदर्श गांव डगा में विकास के कार्य किए जा रहे हैं। अभी कुछ कार्य लंबित हैं। जो तय समय में पूरे कर लिए जाएंगे। बिजली कनेक् शन घर-घर कराये जा रहे हैं। पोल भी समय से लग जाएंगे। पुलिया व सड़क निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है।

गांव में अब भी समस्याओं का जाल
पांच हजार आबादी वाले गांव में सिर्फ 25 हैंडपंप, पेयजल की समस्या बरकरार, पुलिया निर्माण और तालाबों का जीर्णोंद्धार नहीं, बिजली कनेक्शन नहीं होने से कटिया से बिजली जल रही। सड़क का निर्माण नहीं,गंदे पानी की निकासी के लिए गांव में नालियां नहीं।