
madhavgarh fort history in hindi
सतना। रीवा जिले की हेरिटेज संपत्तियों में शामिल गोविंदगढ़ किला निजी निवेशकों को आवंटित करने के बाद राज्य सरकार ने अब माधवगढ़ किले को भी निजी निवेशकों को आवंटित करने का निर्णय अंतत: ले लिया है। पर्यटन राज्य मंत्री सुरेन्द्र पटवा ने बताया कि प्रदेश में हेरिटेज होटलों के विकास के लिए दो हेरिटेज संपत्तियों को निजी निवेशकों को देने के बाद अब 3 हेरिटेज संपत्तियां निजी निवेशकों को इस वर्ष आवंटित कर दी जाएंगी। इनमें माधवगढ़ किला भी शामिल है।
8 करोड़ 64 लाख की राशि प्राप्त
जानकारी के अनुसार पर्यटन विभाग के पास मौजूद पांच हेरिटेज सम्पत्तियों में से दो हेरिटेज परिसम्पत्तियां निजी निवेशकों को आवंटित कर दी गई हैं। इससे विभाग को 8 करोड़ 64 लाख की राशि प्राप्त हुई है। पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार पटवा ने बताया कि रीवा में गोविंदगढ़ फोर्ट और भोपाल का ताजमहल पैलेस निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निजी निवेशकों को आवंटित किया जा चुका है। चालू साल में राजगढ़ पैलेस दतिया, बेनजीर पैलेस भोपाल और माधवगढ़ फोर्ट सतना को हेरिटेज होटल स्थापित किए जाने के लिए निजी निवेशकों को सौंप दिया जायेगा।
16 हेरिटेज परिसंपत्तियां चिह्नित
राज्य मंत्री ने बताया कि आगामी वर्षों में निजी निवेशकों के माध्यम से हेरिटेज होटलों के विकास के लिये हेरिटेज परिसम्पत्तियों का बैंक बनाया जाएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित साधिकार समिति द्वारा इस तरह की 16 हेरिटेज परिसम्पत्तियों को पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के लिए चिह्नित भी किया गया है।
ये संपत्तियां शामिल
उज्जैन में कोठी महल, ग्वालियर में मोती महल और गवर्मेंट प्रेस भवन, शिवपुरी में नरवर फोर्ट, श्योपुर में श्योपुर फोर्ट, गुना में बजरंग फोर्ट, मुरैना में सबलगढ़ फोर्ट, सागर में राहतगढ़ फोर्ट, पन्ना में महेन्द्र भवन, टीकमगढ़ में बल्देवगढ़ फोर्ट, धार में लुनेरा की सराय, बड़वानी में कलेक्टर भवन, जबलपुर में रॉयल होटल, कटनी में विजयराघवगढ़ फोर्ट, मण्डला में रामनगर फोर्ट और रीवा में क्योटी फोर्ट शामिल हैं।
पर्यटन नीति का क्रियान्वयन
बताया गया कि प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास प्रोत्साहन पर्यटन नीति का क्रियान्वयन एवं निजी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से पिछले साल गठित हुए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा हेरिटेज परिसम्पत्तियां निजी निवेशकों को आवंटित करने की प्रक्रिया की जा रही है।
माधवगढ़ की बाहरी दीवार क्षतिग्रस्त
माधवगढ़ किले का उचित रखरखाव नहीं होने के कारण इस किले की बाहरी दीवार विगत वर्ष हुई तेज बारिश में ढह गई थी। माना जा रहा है कि इसे निजी निवेशकों को आकर्षित करने में एक नकारात्मक असर होगा और निवेश की राशि भी कम हो सकती है।
Published on:
09 Apr 2018 11:51 am
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