
Madhya Pradesh Board Result 2018
सतना। मई के दूसरे सप्ताह से रिजल्ट का दौर शुरू होने वाला है। एमपी बोर्ड और सीबीएसइ के रिजल्ट इसी महीने आ जाएंगे। संभावित डेट के अनुसार एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं के परिणाम 14 मई को तो सीबीएसइ में 28 मई को 12वीं और 21 मई को दसवीं का परिणाम घोषित किया जाएगा। इस दौरान स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स दोनों ही डरे हुए हैं।
पैरेंट्स सोचते हैं कि रिजल्ट खराब होने से उनका बच्चा कोई गलत कदम न उठा ले। स्टूडेंट सोच रहे हैं कि पता नहीं मैं अपने पैरेंट्स का ख्याब पूरा कर पाऊंगा या नहीं। ऐसे में दोनों को समझदारी दिखानी चाहिए। ज्यादा जिम्मेदारी पैरेंट्स के कंधों पर है।
उन्हें बच्चों के कोमल मन को समझना होगा। एक्सपर्ट का कहना है कि रिजल्ट आते ही शहर ही नहीं, प्रदेश में बच्चों द्वारा उठाए जाने वाले गलत कामों की खबरें सामान्य हो जाती हैं। इसलिए पैंरेट्स पूरी तरह से बच्चों पर नजर रखें और उनके ऊपर किसी भी तरह का दवाब न बनाएं। बच्चों के कम अंक आए या फिर फेल हो जाए तो इस गलती को हंसते हुए माफ कर दें।
इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं हुई महंगी
बता दें कि, वर्ष 2018-19 के लिए इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश की परीक्षा फीस महंगी हो गई है। इसका सीधी असर गरीब परिवार के बच्चों पर पड़ेगा। बाहर रखकर पढ़ाई करने वाले बच्चों की और जेब ढीली होगी। क्योंकि इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षा में हायर एजुकेशन द्वारा फीस बढ़ा दी गई है।
रिजल्ट वाले दिन जरूर गौर करें
- रिजल्ट वाले दिन जरूर गौर करेअपने रिश्तेदारों की बात अपने बच्चे से कराने से बचें। नार्मल होने पर वह खुद ही बात कर लेगा ।
- साथ ही रिश्तेदारों को बताएं कि बच्चे को असुविधाजनक स्थिति में ना डालें।
- जरूरत पडऩे पर बच्चों को काउंसलर के पास ले कर जाएं।
- बच्चों को बताएं कि रिजल्ट सिर्फ जीवन का एक हिस्सा है, अगर दोबारा मेहनत ही की जाए तो फिर से वह पास हो सकते हैं।
- उसके साथ बैठे और अच्छे अच्छे विचार साझा करें।
- धोके से भी ताना मत दें। न ही एेसे लोगों को मिलने दें।
Published on:
11 May 2018 01:11 pm
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