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मैहर विधानसभा क्षेत्र: मतदान के लिए मन से निकले मैहर के मतदाता, तोड़ा पिछला रेकॉर्ड

कई पोलिंग बूथ पर ग्रामीणों ने किया बहिष्कार, प्रत्याशियों में हुई झड़प

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Maihar voters, who came out of mind for voting, broke previous record

Maihar voters, who came out of mind for voting, broke previous record

मैहर. जिले में सबसे ज्यादा मतदान वाली विधानसभा में मैहर भी शामिल है। नागौद के बाद दूसरे नंबर पर मैहर में 77.15 फीसदी मतदान हुआ। यह प्रतिशत 2013 के 73.10 फीसदी मतदान से 4.05 प्रतिशत ज्यादा है। लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेने के लिए सुबह से मतदाता घर से निकलाना शुरू हो गए थे। कस्बाई और ग्रामीण मतदान केंद्रों पर वोटिंग शुरू होने से पहले ही भीड़ दिखाई दे रही थी। सुबह 19 फीसदी से शुरू हुआ मतदान शाम होते होते 77 फीसदी के आंकड़े को पार कर गया। हालांकि मैहर के टिसकली सहित कई गांवों में चुनाव बहिष्कार की बात भी सामने आई। मैहर में 297 मतदान केंद्र बनाए गए थे, इसमें 132 को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया था। विधानसभा के लिए कुल 2.34 लाख मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में था। इसमें से करीब 1.78 लाख मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है।

अव्यवस्था से भड़कीं महिलाएं
अगर वोट ट्रेंड की बात करें, सुबह 10 बजे तक 19, 12 बजे तक 33, 2 बजे तक 54.47, 4 बजे तक 61.50 और शाम पांच बजे तक 76.03 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्र क्रमांक 113 पर सड़क तक लाइन लगी थी। मतदान में समय लगने पर मतदाताओं का गुस्सा भी तेज था। इस क्रिटिकल मतदान केंद्र में सुरक्षाकर्मी को कई बार समझाइश भी देना पड़ी। यहां महिलाएं भी आक्रोशित होतीं नजर आईं। मैहर के हायर सेकंडरी स्कूल को उत्कृष्ट मतदान केन्द्र बनाया गया था। यहां चाक चौबंद व्यवस्था रही। चल नहीं पाने वाले बुजुर्गों के लिए कर्मचारी व्हील चेयर के साथ मौजूद रहे। जो खुद मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक ले जाने का काम करते दिखे। यहां बुजुर्ग मतदाता चंद्रकांता अपने बेटे के साथ पहुंचीं जो व्यवस्था देख खुश रहीं। उत्कृष्ट विद्यालय मैहर में ही मतदान करने पहुंची मोनिशा सोलंकी और अनिका सोलंकी ने कहा कि बेहतर सरकार बनाने के लिए उन्होंने अपना वोट दिया है। मोनिशा ने पहली बार मतदान किया और उसने इसके लिए खुशी जाहिर की है। व्यवस्थाओं को भी युवा वोटर ने सराहा है।

पहले बहिष्कार फिर माने
मैहर विधानसभा क्षेत्र में मतदान बहिष्कार की बात भी सामने आई। बाद में अधिकारी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। इसके बाद मतदान चालू हो सका। बताया गया कि सबसे पहले सूचना टिसकली से आई। वहां ग्रामीणों ने सड़क के लिए मतदान बहिष्कार की घोषणा कर दी। उसके बाद मड़ई व बिलदरा गांव से भी मतदान के बहिष्कार की बात सामने आई। इस तरह करीब आधा दर्जन गांवों में नाराजगी देखने को मिली। दोपहर बाद तक ग्रामीण मतदान को तैयार नहीं थे। इससे अधिकारियों के माथे पर पसीना आने लगा। अधिकारी संबंधित गांव पहुंचे। मतदान करने को समझाइस दी। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण माने और मतदान शुरू हो सका। लेकिन टिसकली में मतदान नहीं हुआ।

भाजपा-गोंगपा प्रत्याशियों से हुई झड़प
मैहर में प्रत्याशियों से झड़प की स्थिति भी बनी। भाजपा और गोंगपा प्रत्याशी के अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। भाजपा प्रत्याशी नारायण त्रिपाठी से एक मतदाता उलझ गया। काफी देर तक दोनों में बहस हुई। इसके बाद समर्थकों के साथ नारायण चले गए। गोंगपा प्रत्याशी एक जगह एसडीएम से उलझ गए। टिसकली में वो चाहते थे कि मतदान हो, इसके लिए वे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे थे।

बाजार रहे बंद
मतदान का असर पूरे मैहर विधानसभा में देखने को मिल रहा था। मैहर सहित आस-पास के ग्रामीण बाजार तक बंद थे। अधिकतर रास्ते सूने थे। लोग केवल मतदान केंद्र की ओर बढ़ते दिख रहे थे। यह स्थिति दोपहर दो बजे के बाद तक बनी रही। शाम के बाद ज्यादातर बाजार खुल सके। पिंक बूथ के बारे में बात की जाए, तो मैहर विधानसभा क्षेत्र में संगीत महाविद्यालय और शासकीय बालक विद्यालय में स्थापित किया गया था। जो विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा युवा मतदाताओं की संख्या में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवा केंद्र पर आते हुए दिखे। इसमें से 40 फीसदी मतदाता फस्र्ट वोटर के रूप में भाग लेने पहुंचे थे।