
maternal and infant mortality rate in satna madhya pradesh
सतना। मध्यप्रदेश के सतना में साल दर साल गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले में ग्राफ बढ़ रहा। बताया गया कि जिले का स्वास्थ्य महकमा मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने में नाकाम रहा है। मातृ मृत्यु दर का ग्राफ हरसाल बढ़ रहा है। डेथ रिव्यु के नाम पर भी खानापूर्ति की जा रही है। जिससे मौत के कारणों का पता भी नहीं चल है। जिम्मेदार मातहतों पर कार्रवाई की बजाए पर्दा डाल रहे हैं। दरअसल संचालनालय स्वास्थ्य सेवा द्वारा गर्भवती की मौत के बाद डेथ आडिट के निर्देश दिए गए हैं। जिससे मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। और चिकित्सीय सेवाओं में खामियां दूर की जा सके। लेकिन निर्देशों के विपरीत जिम्मेदार डेथ आडिट के नाम खानापूर्ति में जुटे रहे।
बढ़ता मौत का ग्राफ
मातृ-शिशु मृत्यु दर का ग्राफ स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बाद भी बढ़ता जा रहा है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवा की सालाना रिपोर्ट ही हकीकत उजागर कर रही है। वर्ष 2014-15 में 35 गर्भवती की मौत दर्ज की गयी वहीं वर्ष 2016-17 में बढ़कर 55 हो गई। वर्ष 2018 में अभीतक 13 मौत दर्ज की जा चुकी हैं।
लापरवाही पर पर्दा
महकमे द्वारा जनवरी 18 में मातृ-शिशु दर कम करने चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की गई। सामने आया उचेहरा, मझगवां और अमरपाटन द्वारा जानबूझकर गर्भवती और शिशुओं की मौत की जानकारी नहीं भेजी जा रही है। जिम्मेदारों द्वारा जानबूझकर मौत पर पर्दा डाला जा रहा है। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। नोटिस जारी कर फाइल बंद कर दी गयी।
सख्ती बेअसर
कलेक्टर और सीएमएचओ ने अमरपाटन, उचेहरा और मझगवां विकासखंड द्वारा मौत पर पर्दा डालने को गंभीरता से लिया गया था। विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को गर्भवती और शिशुओं के मौत की जानकारी शीघ्र भेजने निर्देशित किया गया था। लेकिन सख्ती बेअसर रही है।
फैक्ट फाइल
- वर्ष मौत
- 2018 13 (अप्रैल 18 तक)
- 2017-18 31 (अप्रैल 17 से मार्च 18 )
- 2016-17 55
-2015-16 46
-2014-15 35
वर्ष १७-१८ मेें मौतें
- अमरपाटन ०१
- मझगवां ०८
- मैहर ०४
- नागौद ०२
- रामनगर ०३
- सतना ०४
- उचेहरा ०५
- कुल ३०
Published on:
03 Jul 2018 01:09 pm
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