
matke ke fayde: 5 Amazing Health Benefits Of Using Clay Water Pot
सतना। नौतपा में पड़ रही भीषण गर्मी से बचाव के लिए मिट्टी के घड़े यानि की मटके की डिमांड बढ़ गई है। गर्मी में मटके का पानी जितना ठंडा और सुकूनदायक लगता है, स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही फायदेमंद भी होता है। वैसे तो आजकल लोग गर्मियों में ठंडा-ठंडा कूल-कूल फील करने के लिए फ्रिज का पानी पीते हैं। वहीं बड़े-बुजुर्ग लोग फ्रिज के पानी को छोड़कर मिट्टी के घड़े का पानी ज्यादा पसंद करते हैं। शदियों से मिट्टी के घड़े का इस्तेमाल किया जाता आ रहा है। आज भी 90 फीसदी ग्रामीण लोग ऐसे हैं, जो मिट्टी के बर्तन में पानी पीते हैं।
चिकित्सकों की मानें तो कुम्हारों द्वारा बनाए गए मटके का नुकसान क्या फायदे ही फायदे है। मेडिकल सांइस भी मटके के पानी को उत्तम माना है। नौतपा में सूर्य के तीखे तेवर चरम पर है। ऐसे में सूखे कंठ की प्यास बुझाने के लिए हर गली और चौक-चौराहों पर देसी फ्रिज की डिमांड बढ़ गई है। इसीलिए मुख्य चौराहों में सड़क के किनारे मटकों का बाजार लगा हुआ है। कुछ सालों में इन मटकों की मांग शहरी इलाके में कम हो गई थी मगर अब फिर से इसकी मांग होने लगी है।
ये है पांच फायदे
1 - विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी में मटके का पानी जितना ठंडा और सुकूनदायक लगता है, स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही फायदेमंद भी होता है। इसका तापमान सामान्य से थोड़ा ही कम होता है जो ठंडक तो देता ही है, पाचन की क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है।
2 - मटके का पानी पीना से कैंसर की बीमारी का खतरा बहुत कम हो जाता है। घड़े का पानी गले से संबंधी बीमारियों से बचा कर रखता है और यह हमको जुकाम खांसी की परेशानी से भी बचाता है ।
3- मटके का पानी पीना से पीएच संतुलन सही होता है। मिट्टी के क्षारीय तत्व और पानी के तत्व मिलकर उचित पीएच बेलेंस बनाते हैं जो शरीर को किसी भी तरह की हानि से बचाते हैं और संतुलन बिगडऩे नहीं देते।
4- मटके का पानी प्राकृतिक तौर पर ठंडा होता है, जबकि फ्रिज का पानी इलेक्ट्रिसिटी की मदद से। बल्कि एक बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें बिजली की बचत भी होती है, और मटके बनाने वालों को भी लाभ होगा।
5- अगर आप दमा के रोगी हैं, तो भी मटके का पानी पिएं। लकवा पेशेंट्स को भी मटके का पानी नियमित तरीके से गर्मी में पीना चाहिए। इससे उनको फायदा मिलेगा।
शहर में इन स्थानों पर लगता है मटके का बाजार
इस वक्त शहर के कई हिस्सों में मटकों की बिक्री तेजी से जारी है। इसमें सिटी कोतवाली, राजेंद्र नगर, रीवा रोड, धवारी चौक, सिविल लाइन, सेमरिया चौराहा, बिरला रोड सहित कई इलाके शामिल हैं। सड़क किनारे फुटपाथ पर भी मटके बेचने वाले दिख जाएंगे। जिन लोगों को मिट्टी के मटकों का फायदा पता है, उन लोगों ने मटकों को पहले से ही खरीदकर रख लिया है।
90 फीसदी ग्रामीण ले रहे मटके का सहारा
बता दें कि 90 फीसदी ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर लोग अभी भी मटके का ही पानी पीते हैं। बड़े-बुजूर्गों का मानना है कि फ्रिज के पानी के मुकाबले मटके के पानी की तासीर ज्यादा ठंडी होती है। साथ ही मटके के पानी का अलग ही स्वाद होता है। मटके का पानी पीने से सर्दी-गर्मी की भी शिकायत नहीं होती। लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मटकों को स्टाइलिश लुक भी दिया जा रहा है। सुराही भी नए ढंग से तैयार की जा रही है।
Published on:
31 May 2019 06:45 pm
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