
MP Election 2018: 2 satna BJP Leaders quit party
सतना। भारतीय जनता पार्टी को मध्यप्रदेश के सतना जिले में दो बड़े झटके लगे है। दो दिन अंदर दो नेताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा हुए बगावत कर दी है। पहला झटका अरुण द्विवेदी के रूप में लगा है जो अपने सभी पदों को त्याग करते हुए अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने नाम पर भेजा है। वहीं दूसरा झटका डॉ. रश्मि सिंह पटेल ने दिया है। डॉ. रश्मि ने टिकट वितरण से नाराज होकर भाजपा में बगावत करते हुए नागौद विधानसभा से बागी प्रत्याशी के रूप में निर्दलीय नामांकन कर भाजपा की मुश्किलें बड़ा दी है। इसी तरह अन्य विधानसभा क्षेत्रों के भी हाल है। जहां भाजपा के सीनियर व युवा कार्यकर्ता टिकट न मिलने के कारण अन्य दलों का दामन थाम लिया है। ये बागी प्रत्याशी सिर्फ भाजपा को मजा चखाने के लिए चुनाव लडऩे की ठानी है।
अरूण द्विवेदी ने क्या लिखा पत्र में
द्विवेदी ने पत्र में लिखा कि, विगत 23 वर्षों से पार्टी के युवा मोर्चा पदाधिकारी, भाजपा, जिला महामंत्री, जिले का उपाध्यक्ष, जिले का दो बार आजीवन सहयोग निधि प्रभारी, पार्टी के जिले का सदस्यता प्रभारी सहित कई पदों पर रह चुका हूं। वहीं विगत कई वर्षों से पार्टी के प्रदेश कार्य समिति का सदस्य हूं। इसके साथ ही अनूपपुर जिले के संगठन का प्रभारी भी हूं। इस लंबे अंतराल में 2003, 2008, 2013 व 2018 में अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी के रूप में दावेदारी कर चुका हूं। लेकिन पार्टी ने दूसरे दलों के लोगों को लाकर तो कभी दूसरे क्षेत्र के लोगों को लाकर प्रत्याशी बनाया। मूल कार्यकर्ताओं को टिकट देने लायक नहीं समझा।
रश्मि सिंह ने क्या लिखा पत्र में
जिला अध्यक्ष नरेन्द्र त्रिपाठी को सौंपे इस्तीफा में रश्मि सिंह ने कहा कि मै हमेशा भाजपा के प्रति निष्ठा और इमानदारी से अपने दायित्यों का निर्वहन किया। हमेशा पार्टी के सिद्धातों को आत्मसात कर लोगों की सेवा करती आया हूं। रीवा संभाग में महिलाओं को प्रतिनिधत्व न देते हुए महिला प्रत्याशी न बनाने से मन आहत है। सतना जिले के साथ नागौद विधानसभा से हमेशा एक जन सेवक के रूप में कार्य करती आई हूं। मै सिर्फ जनता की सेवा के उददेश्य से पार्टी के आई। परंतु पार्टी में जनभावनाओं और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में न रखते हुए उचित निर्णय नहीं लिया। अत: भाजपा के समस्त दायित्वों भाजपा जिला उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देती हूं। ताकि स्वतंत्र रूप से जनता की सेवा कर सकूं।
Published on:
09 Nov 2018 04:00 pm
