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MP election 2018: बेटा सास को सौंप, रण में कूदी कल्पना वर्मा, जानिए कांग्रेस वूमन कैंडिडेट की दिनचर्या

कांग्रेस वूमन कैंडिडेट: बेटा सास को सौंप, रण में कूदी कल्पना वर्मा
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सतना

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Suresh Mishra

•

Updated: 13 Nov 2018, 5:14 PM IST

MP election 2018: Routine of Congress Woman Candidate in satna

MP election 2018: Routine of Congress Woman Candidate in satna

सतना। रैगांव से कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना वर्मा के लिए परिवार और राजनीति से सामंजस्य बैठाना चुनौती से कम नहीं। वे बताती हैं कि परिवार संयुक्त है और सभी का सहयोग है। इसलिए परेशानी नहीं होती है। मेरा तीन साल का बेटा है, जिसे उसकी दादी संभालती हैं। जब मैं क्षेत्र में जनसंपर्क कर पाती हूं।

नींद नहीं आती
कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना वर्मा कहती हैं कि इस समय नींद ही नहीं आती है। सुबह 7 बजे घर से निकलते हैं, तो जनसंपर्क व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते हुए रात 1 बजे तक लौट पाते हैं। उसके बाद सुबह चार बजे फिर जाग जाते हैं। क्षेत्र में जाने की तैयारी शुरू होती है। चाय-नाश्ता करते हुए 7 बजे से क्षेत्र में रहते हैं। परिवार को समय बिल्कुल नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि मुझे हमेशा पूरे परिवार का सहयोग मिलता रहा है।

कार्यकर्ता के घर भोजन
कल्पना बताती हैं कि सुबह घर से निकलती हैं उस वक्त खाना भी नहीं बना होता है। इसलिए टिफिन लेकर भी नहीं निकल पाती। कार्यकर्ताओं के साथ दिनभर समय गुजर रही हूं, किसी न किसी कार्यकर्ता के घर भोजन हो जाता है। इस दौरान भी आस-पास के लोगों से संवाद चलता रहता है। जो जनसंपर्क का एक हिस्सा है। चाय दिनभर होती रहती है। इससे लोगों से चर्चा करने का मौका मिल जाता है।

टीवी नहीं देख पाती
कल्पना कहती हैं कि महिला होने के नाते टीवी के प्रति रुझान जरूर है। लेकिन, इन दिनों अपने लिए ही समय नहीं मिल रहा, तो टीवी देखना दूर की बात है। परिवार के लोगों से चर्चा भी बहुत कम होती है। सुबह नाश्ते के दौरान थोड़ी-बहुत बात हो पाती है। उसके बाद मोबाइल से ही संपर्क होता है। इस तरह पूरा दिन गुजर जाता है। वो कहती हैं कि मेरे लिए क्षेत्र ही परिवार है। इसलिए मेरे दिमाग में परिवार की बात ज्यादा नहीं आती।

ऐसी है टाइमिंग
- सुबह उठना 4:00
- प्रचार के लिए जाना 7:00
- क्षेत्रीय लोगों के बीच 17 घंटे
- घर वापस लौटनारात 1:00
- परिवार के लिएसमय नहीं