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डकैतों की सर्चिंग में गया MP पुलिस का जवान लापता, PHQ तक हड़कंप, खोज करने 100 पुलिसकर्मी जंगल में उतरे

हड़कंप: एसपी सहित एडी के जानकार अफसरों का जंगल में डेरा, दस्यु प्रभावित जंगल से जवान गायब

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MP police jawan missing in satna

MP police jawan missing in satna

सतना। तराई के दस्यु प्रभावित जंगल में सर्चिंग में गई पुलिस पार्टी का एक जवान जंगल से लापता हो गया है। शुक्रवार को जवान के लापता होने की खबर से पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी राजेश हिंगणकर ने एडी के जानकार सभी पुलिस अधिकारियों को सर्चिंग के लिए घटना स्थल और आसपास के क्षेत्र में रवाना कर दिया है। वे स्वयं भी मौके पर पहुंच गए हैं। हालांकि मामले में कोई भी जिम्मेदार बोलने से बच रहा है। देर रात तक जवान के मिलने की कोई खबर सामने नहीं आ सकी थी।

ये है मामला
बगदरा घाटी से लगे जंगल में एसआई सीएल पाण्डेय के नेतृत्व में एक पार्टी सर्चिंग के लिए गई हुई थी। जंगल में उतरने से पहले पार्टी वाहन से पहुंची। इसमें एसआई पाण्डेय सहित एसएएफ के चार जवान और वाहन चालक साथ था। जंगल में सर्च के बाद यह दल शाम होने की स्थिति में वापस लौटने लगा। तभी एक जवान ने अपनी तबीयत खराब होना बताया। एसएएफ के जवानों ने अपने साथी जवान की तबीयत खराब होने की जानकारी लगते ही उसे जंगल में चलने में हो रही दिक्कत को देखते हुए उसकी बंदूक ले ली। ताकि उसे चलने में आसानी हो। इस दौरान पानी देखा गया तो पता चला कि पानी खत्म हो चुका है। इस पर जवानों ने कहा कि आगे चल कर पानी पिएंगे। इसके साथ सभी आगे बढऩे लगे।

एसपी पहुंचे जंगल
जैसे ही एसपी को मामले का पता चला आनन-फानन उन्होंने दस्यु प्रभावित इलाके के जानकार अधिकारियों और जवानों को जंगल की ओर रवाना किया। खुद में मौके के लिए रवाना हो गए। इस दौरान गायब जवान के साथ रहे एसएएफ के अन्य तीनों जवानों से पूछताछ चल रही है। महकमे में इस घटना के बाद से हड़कम्प की स्थिति बनी है, क्योंकि दस्यु प्रभावित इलाके से जवान का गायब होना तमाम संदेह पैदा कर रहा है।

... और लापता हो गया
घने जंगल में झाडिय़ों के बीच से चलते हुए जब पुलिस पार्टी वापस वाहन तक पहुंची तो पता चला कि जिस जवान की तबीयत खराब थी वह नहीं पहुंचा है। उसकी तबीयत को देखते हुए पुलिस पार्टी ने थोड़ी देर इंतजार किया कि शायद धीरे आने से समय लग रहा है। जब काफी देर तक नहीं आया तो शंका होने पर जंगल के अंदर कुछ दूर तक उसे खोजने भी गए। पर उसका कहीं पता नहीं चला। इधर अंधेरा होते देख तमाम आशंकाओं के मद्देनजर पुलिस पार्टी वापस लौट आई और आला अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।

कहीं किसी गैंग के हाथ तो नहीं लगा
पुलिस अधिकारी इस दिशा में भी काम कर रहे हैं कि बीमार जवान कहीं जंगल में किसी दस्यु गैंग के हाथ तो नहीं लग गया है। इस दिशा में काफी सतर्कता बरती जा रही है। सभी अत्याधुनिक तरीकों से इस मामले की पड़ताल की जा रही है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि तबीयत खराब होने के दौरान जंगल में ही जवान गंभीर होकर गिर गया हो और आगे न बढ़ पाया हो। इस स्थिति में जंगल में उस रास्ते पर तलाश की जा रही है।

गायब जवान का मोबाइल भी नेटवर्क से बाहर

एक तर्क यह भी दिया जा रहा कि कुछ दिन पहले उस जवान ने छुट्टी मांगी थी। छुट्टी नहीं मिल पाने से कहीं वह चला न गया हो? हालांकि यह तर्क सामान्य तौर पर गले नहीं उतर रहा। उधर गायब जवान का मोबाइल भी नेटवर्क से बाहर चल रहा है। एसडीओपी चित्रकूट, मझगवां, बरौंधा, कोठी, नयागांव, धारकुंडी, सभापुर के थाना प्रभारियों समेत एक सैकड़ा पुलिस जवान और ग्रामीण जवान की तलाश में लगे रहे।