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लोक सभा सतनाः नागौद का सियासी पारा चढ़ा, नागेंद्र रूठे

वायरल पत्र ने भाजपा की पेशानी में डाले बल

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सतना। भाजपा में इन दिनों अन्य दलों से आने वालों की लाइन लगी हुई है। इसी लाइन में दल बदल कर भाजपा में आने वालों में कांग्रेस छोड़ बसपा में शामिल हुए यादवेन्द्र सिंह भी थे। लेकिन यादवेन्द्र की भाजपा में ज्वाइनिंग को लेकर नागौद क्षेत्र में भाजपा में ही जबरदस्त अंतर्कलह मच गई है। हालात यह हो गए हैं कि विधायक नागेन्द्र सिंह ने सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली है तो मंडल के पदाधिकारी भी नहीं पहुंच रहे हैं। सांसद को सफाई देनी पड़ रही है और उचेहरा क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष को खुला पत्र लिख कर अपना असंतोष जता दिया है। और इस सबको लेकर सोशल मीडिया में भी खूब जबानी तीर चल रहे हैं। कांग्रेसी जहां इस पर चटखारे ले रहे हैं तो भाजपाई सफाई देते नजर आ रहे हैं। नागेन्द्र खेमा नाराज दिख रहा है तो यादवेन्द्र समर्थक सोशल मीडिया में सफेद झंडे लहराते नजर आ रहे हैं।

लड़ते लड़ते उम्र बीत गई...

यादवेन्द्र सिंह की भाजपा में ज्वाइनिंग को लेकर उचेहरा के कद्दावर भाजपाइयों ने एक खुला पत्र जिलाध्यक्ष के नाम जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि जिससे लड़ते लड़ते हमारी उम्र बीत गई और हम आर्थिक रूप से भी खोखले हो गए। जिनके संघर्ष में हमने पीड़ा और अपमान का सामना किया उनका आज पलक पावड़े बिछा कर स्वागत कर रहे हैं। आज हम कांग्रेस युक्त होते जा रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय नेतृत्व से भी पूछा नहीं जा रहा है। इस पत्र में ऐसी स्थितियों में कार्यकर्ताओं के सामूहिक बगावत की भी चेतावनी दी गई है। यह पत्र दिन भर सोशल मीडिया में वायरल होता रहा।

नहीं आए नागेन्द्र

शनिवार को नागौद के अगोल मैदान में भाजपा का बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन था। कई सरपंचों को भाजपा की सदस्यता दिलानी थी। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला भी पहुंचे थे। लेकिन विधायक नागेन्द्र सिंह अपने घर में ही रहे। इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रहे। शुक्ला उनसे बात करने भी गई। बंद कमरे में लंबी गुफ्तगूं भी हुई। लेकिन अभी जंग शांत होती नहीं दिख रही है। वाट्सएप और फेसबुक में आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर जमकर चल रहा है।

काम नहीं आई सांसद की सफाई

यह भी सोशल मीडिया में खूब चल रहा है कि स्थिति को संभालने के लिए श्यामभवन में सांसद ने विधायक की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश की। यह तक कहा कि इस ज्वायनिंग में उनका कोई रोल नहीं है। सब ऊपर से है। लेकिन कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। इस बैठक में भी जमकर आरोप लगाए गए। जो अब सोशल मीडिया पर दौड़ रहे हैं।