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नो-एंट्री में फिर छूट, अब पुलिस पायलटिंग में निकाले जाएंगे ट्रक

खाद और वारदाने के लिए लिया निर्णय

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सतना

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Suresh Mishra

May 01, 2018

No-entry latest news in satna city

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सतना। एक बार फिर जिला प्रशासन ने नो-इंट्री में छूट देने का निर्णय लिया है। इस बार कारण खाद और वारदाने के परिवहन को बनाया गया है। हालांकि प्रशासन ने इस बार के निर्णय में यह शामिल किया है कि सभी ट्रक एक साथ पुलिस पायलटिंग में नो-इंट्री सीमा से बाहर निकाले जाएंगे। यह निर्णय कंट्रोल रूम में आयोजित एक बैठक में लिया गया। इसमें जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। डिप्टी कलेक्टर एपी द्विवेदी ने बताया कि रेलवे गोदाम में फर्टीलाइजर (खाद) की रैक आने वाली है।

उसका परिवहन रात को नहीं हो सकता है। ऐसे में इनके ट्रकों को दिन में निकालना अनिवार्य होगा। अन्यथा रैक खाली नहीं होने पर डैमरेज चार्ज लगेगा। इस पर प्रशासन ने सभी पहलुओं को देखने के बाद खाद के परिवहन के लिए नो-इंट्री में छूट का निर्णय लिया गया।

शहरवासियों का सवाल-रात को क्यों नहीं
जिला प्रशासन के इस निर्णय को शहरवासियों ने छूट की एक बार फिर शुरुआत करने से जोड़कर देखना शुरू कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि आखिर रात को लोडिंग और परिवहन का काम क्यों नहीं किया जा रहा है? जबकि रात को रेलवे परिसर में पर्याप्त स्पेस है और अगर ट्रकों की उपलब्धता हो जाती है तो पूरी रैक खाली हो सकती है। लेकिन परिवहन ठेकेदार और अधिकारी अपने निजी लाभ के लिए रात को परिवहन करने को तैयार नहीं है। लोगों का यह भी कहना है कि यदि आगे कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा। बता दें कि हाल ही में नो इंट्री में मिली छूट के कारण शहर में घुसे ट्रक ने बिरला रोड पर एक मासूम सहित महिला को चपेट में ले लिया था।

दो पाली में साढ़े तीन घंटे की छूट
बताया गया कि नो-इंट्री में छूट दिन को दो पाली में दी जाएगी। पहली पाली में छूट सुबह 11 बजे से 1 बजे तक तथा दूसरी पाली में दोपहर बाद 3 बजे से साढ़े चार बजे तक छूट रहेगी। इस दौरान एक-एक ट्रक नहीं चलेंगे बल्कि ट्रकों का पूरा एक समूह निकलेगा। उसके आगे पुलिस का वाहन तय गति सीमा में पायलटिंग करते हुए इन्हें शहर की नो-इंट्री सीमा से बाहर निकालेगा।

प्रशासन ने बिना ट्रायल के लिया निर्णय
यह भी सवाल खड़ा किया गया है कि अभी रात में रैक खाली करते हुए उसके परिवहन का कोई ट्रायल तो लिया नहीं है बल्कि ठेकेदार और फर्टिलाइजर व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के बयानों के बाद यह निर्णय ले लिया है। हालांकि इस बार पुलिस पायलटिंग जरूर जोड़कर रोड सेफ्टी को लेकर गंभीरता दिखाई गई है।