केंद्र सरकार की डिजिटल नीति; सतना जिले की 610 पंचायतों के कोड हो चुके तैयार
सतना। यदि आप टैक्स भरने के लिए ग्राम पंचायत कार्यालय जाने का सोच रहे हैं तो ठहरिए। अब आपके सभी प्रकार के करों का भुगतान घर बैठे क्यूआर कोड के जरिए हो जाएगा। केंद्र सरकार की डिजिटल नीति के तहत पंचायतों का टैक्स ग्रामीण अपनी पंचायतों के क्यूआर कोड को स्कैन कर डिजिटल तरीके से सिंगल क्लिक में जमा कर सकेंगे। इसके लिए जिले की पंचायतों में क्यूआर कोड जनरेट करने की प्रक्रिया प्रारंभ है। कुल 695 पंचायतों में से 610 पंचायतों के क्यूआर कोड जनरेट हो चुके हैं। यहां अब लोग इसके जरिए टैक्स भुुगतान कर सकेंगे। जल्द ही शेष पंचायतों के भी क्यूआर कोड जनरेट कर लिए जाने की बात जिपं सीईओ ने कही है।
जनधन खाते भी यूपीआइ से लिंक
केंद्रीय पंचायतीराज मंत्रालय ने 15 अगस्त तक प्रत्येक पंचायत में डिजिटल भुगतान, खास तौर पर राजस्व संग्रह शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि पंचायतों के अलावा सभी जनपद पंचायतों और जिला पंचायत में भी यूपीआइ से भुगतान की सुविधा शुरू की जाए। निर्देशों के साथ ही मंत्रालय ने डिजिटल भुगतान से जुड़े सेवा प्रदाताओं के नाम भी उपलब्ध कराए थे। इनके जरिए क्यू आर कोड तैयार कराने के बाद पंचायत भवनों में इसे लगवा दिया जाए, ताकि ग्रामीण इसके जरिए टैक्स जमा कर सकें। निर्देशों में ग्रामीणों के जनधन खातों को भी यूपीआइ से लिंक कराने के निर्देश दिए गए थे, ताकि वे आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकें।
बढ़ेगा कर संग्रह
इस व्यवस्था के जरिए माना जा रहा कि पंचायतों का कर संग्रहण बढ़ेगा। नई व्यवस्था के जरिए कर संग्रह और डिजिटल पेमेंट का प्रचार प्रसार करने की जिम्मेदारी रोजगार सहायकों को सौंपी गई है। कर राजस्व बढ़ने से पंचायतें अपने अधोसंरचना विकास के लिए और बेहतर काम कर सकेंगी। विशेषकर बड़ी पंचायतों के लिए यह व्यवस्था काफी लाभदायी होगी। मझगवां जैसी पंचायतों में अब आसानी से कर संग्रहण हो सकेगा और पारदर्शिता भी रहेगी।
यह है जिले की स्थिति
जनपद - कुल ग्राम पंचायत - क्यूआर कोड बन गए
मझगवां - 96 - 47
सोहावल - 93 - 86
रामपुर बाघेलान - 97 - 88
अमरपाटन - 75 - 71
मैहर - 115 - 103
नागौद - 94 - 93
रामनगर - 55 - 53
उचेहरा - 70 - 69
कुल - 695 - 610
'' ज्यादातर ग्राम पंचायतों के क्यूआर कोड तैयार कर लिए गए हैं। कुछ शेष हैं। जल्द उनके भी क्यूआर कोड बन जाएंगे। इस व्यवस्था से ग्राम पंचायत में निवासरत ग्रामीण घर बैठे भुगतान कर सकेंगे '' - डॉ परीक्षित राव, सीईओ, जिपं