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सतना: बिना जानकारी के पहुंचीं डीपीएम को कलेक्टर ने बैठक से बाहर निकाला

जननी सुरक्षा समीक्षा में पाया कि प्रसव 2972 का, योजना का भुगतान 4000 से ज्यादा को गर्भवती महिलाओं के न्यून पंजीयन पर सतना अर्बन सहित 3 बीएमओ का वेतन रोका

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सतना। कलक्टर अनुराग वर्मा ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा की। जननी सुरक्षा योजना की गलत जानकारी लेकर पहुंचीं डीपीएम को कलक्टर ने बैठक से बाहर कर दिया। आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का 60 प्रतिशत से कम एएनसी पंजीयन पर अमरपाटन, मझगवां, रामपुर बाघेलान के बीएमओ का वेतन रोका। सतना अर्बन में भी उपलब्धि कम होने पर प्रभारी अधिकारी डॉ. चरण सिंह का वेतन रोकने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं के सीवियर एनीमिया प्रबंधन ठीक तरह से नहीं करने पर उचेहरा को छोड़कर सभी बीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जिन्हें नोटिस दिया गया उनकी प्रगति 50 फीसदी से कम रही।

डीपीएम को नहीं थी कोई जानकारी

समीक्षा में कलक्टर ने पाया कि रिपोर्ट में 2972 प्रसव दर्ज हैं, जबकि योजना का भुगतान 4000 से ज्यादा प्रसूताओं को दिखाया गया है। उन्होंने डीपीएम से इस संबंध में पूछा कि प्रसव से ज्यादा भुगतान कैसे हो गया? क्या यह बैकलॉग होगा। तब डीपीएम ने पता करके बताने को कहा। इस पर कलक्टर ने कहा कि जब प्रजेंटेशन बना होगा तो आपने ही देखा होगा। तब डीपीएम ने लिपिक द्वारा तैयार करना बताया, फिर आगे पूछताछ में बताया गया कि ऑपरेटर तैयार करता है। इस पर कलक्टर ने पूछा कि कोई भी तैयार करता है लेकिन फाइनल तो आप देखते हो। डीपीएम ने जवाब दिया कि सीएमएचओ देखते हैं। यह सुन वे भड़क गए। कहा, यहां फिर आप चाय पीने आती हैं क्या? पूरा दायित्व आपका है लेकिन न आपको कुछ पता है न ही देखते हो तो बैठक में आने का कोई औचित्य नहीं है। यह कहते हुए बैठक से बाहर जाने के निर्देश दिए।

मातृ मृत्यु: कमेटी गठित होती है, कार्रवाई नहीं

कलेक्टर ने जिला अस्पताल में होने वाली मातृ मृत्यु पर सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी से कहा कि मीडिया में अनदेखी से मौत की खबर छपती है। आप कमेटी गठित करते हैं फिर होता कुछ नहीं है। ऐसे में तो कोई सुधार नहीं होगा। दोषियों पर कार्रवाई चाहिए। आप 7 दिन में रिव्यू कीजिए और दोषियों पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई करें। साथ ही कुछ प्रकरण चिह्नित करें, उनके परिजनों को मैं स्वयं सुनूंगा। इस दौरान सीएस डॉ. केएल सूर्यवंशी, डीएचओ डॉ. विजय आरख, कुष्ठ अधिकारी डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव मौजूद रहे।

प्रसव: घर में प्रसव के सत्यापन के निर्देश

समीक्षा में मिला कि 380 प्रसव घर में हुए हैं। इस पर कलेक्टर ने महिला बाल विकास अधिकारी से कहा कि इन सभी प्रसव का सत्यापन करवाएं। अगर किसी में मौत हुई हो तो इसकी जानकारी मुझे प्रस्तुत की जाए। साथ ही कहा कि घर में प्रसव कोई दाई ही करवाती होगी। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनकी बैठक लेकर प्रशिक्षित करें। साथ ही निर्देशित करें कि प्रसव के पहले की देखभाल तो करें, लेकिन प्रसव की स्थिति बनने पर गर्भवती को अस्पताल भिजवाने में मदद करें। चेतावनी भी दी जाए कि ऐसा नहीं करने पर अगर कोई हादसा होता है तो कार्रवाई भी की जाएगी।

...तो हितग्राही लाभ से वंचित होगा!

कलेक्टर ने बीएमओ रामपुर से कहा कि आज सभी योजनाओं का भुगतान पोर्टल से होता है, लेकिन इसके भरने में लापरवाही हो रही है। एएनएम सारा काम करती हैं। इसलिए हितग्राही लाभ से वंचित हो रहे हैं। सभी बीएमओ सुन लें कि पोर्टल की एंट्री का परीक्षण वे स्वयं भी करें। इस मामले में रामपुर बीएमओ की हीलाहवाली पाने पर जमकर फटकार लगाई।